इंडियन रेलवे ने नया अपडेट दिया है जो 1 अक्टूबर से लागू होगा। अब अगर आप ट्रेवल कर रहे हैं तो सिर्फ टिकट रखना ही जरुरी नहीं है, बल्कि आपको अपना पहचान पत्र या उससे जुड़े दस्तावेज रखने होंगे। रेलवे ने ये अपडेट चेकिंग को लेकर दिया है। अगर आपने किसी स्पेशल रिजर्वेशन, इ-पास या प्रिविलेज टिकट ऑर्डर (PTO) से टिकट खरीदा है, तो दस्तावेज रखना जरुरी है। 

प्रिविलेज टिकट ऑर्डर (PTO) क्या है?

(PTO) प्रिविलेज टिकट ऑर्डर एक कंसेशनल वाउचर है, जो रेलवे कर्मचारियों और रिटायर्ड कर्मचारियों को दिया जाता है। इसकी वजह से उन्हें उनकी टिकट पर 33% की छूट मिल जाती है। रेलवे कर्मचारियों को साल के 4 PTO मिलते हैं, जिससे वह खुद के लिए या परिवार के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं। PTO से फ्री टिकट नहीं मिलता, बस किराए में छूट मिल जाती है। PTO को बेचना गैरकानूनी है। 

ट्रेन में सफर के दौरान कौन से दस्तावेज रखें?

भारतीय रेलवे के अनुसार, ट्रेन में यात्रा करते समय यात्री पहचान के लिए कुछ दस्तावेज साथ रख सकते हैं। इनमें शामिल हैं:

  • वोटर आईडी कार्ड 
  • पासपोर्ट
  • पैन कार्ड 
  • ड्राइविंग लाइसेंस 
  • छात्र पहचान पत्र 
  • फोटो वाला राष्ट्रीयकृत बैंक पासबुक
  • बैंक की ओर से जारी क्रेडिट कार्ड, जिस पर फोटो हो और कार्ड लैमिनेटेड हो
  • आधार कार्ड 

किन यात्रियों को दस्तावेज रखने होंगे?

सेंट्रल रेलवे के हिसाब से स्पेशल रिजर्वेशन या PTO के तहत टिकट लेने वालों को जरुरी दस्तावेजों को साथ रखना होगा। अगर एक साथ बहुत लोग ट्रेवल कर रहे हैं तो उनमें से किसी एक को ऑफिशियल आईडी रखनी जरुरी होगी। रेलवे कर्मचारी इन दस्तावेजों को देखकर जांच कर सकते हैं कि जो ट्रेवल कर रहे हैं उनका टिकट सही है या नहीं।  

ऑफिशियल आईडी अगर न हो तो?

जो यात्री टिकट होने के बावजूद बिना जरूरी दस्तावेजों के यात्रा कर रहे होंगे, उन्हें नियमों के तहत अवैध माना जाएगा। अब बिना टिकट यात्रा करने पर कम से कम 500 रुपये का जुर्माना देना होगा। पहले यह जुर्माना 250 रुपये था। रेलवे अधिनियम 1989 की धारा 137 और 138 के तहत जुर्माना 250 रुपये से बढ़ाकर 500 रुपये कर दिया गया है। यह नया नियम 20 जून 2026 से लागू है।