P Chidambaram On SIR : देश में मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक घमासान तेज है। पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम ने कहा कि तमिलनाडु में विजय की पार्टी टीवीके (TVK) की जीत को महज वोटर लिस्ट की गड़बड़ियों या वोट चोरी का नतीजा नहीं माना जा सकता। टीवीके को चुनाव में 35 प्रतिशत वोट मिले हैं। इस कारण पूरी तरह से यह कहना गलत होगा कि केवल नामावलियों में फेरबदल के कारण ही चुनाव परिणाम बदले हैं। 

अपीलों की धीमी सुनवाई के कारण वर्षों तक कई लोग मताधिकार से वंचित रह जाएंगे : चिदंबरम

हालांकि, चिदंबरम ने तमिलनाडु के शिवगंगा में मुख्य निर्वाचन आयुक्त की गिरफ्तारी की मांग को लेकर आयोजित प्रदर्शन में शामिल हुए थे। चिदंबरम ने दावा किया कि देशभर में चरणबद्ध तरीके से कुल 13.30 करोड़ से अधिक मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं। उन्होंने पश्चिम बंगाल का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां 22 लाख हटाए गए नामों में से जिन अपीलों का निस्तारण हुआ, उनमें से 91% लोगों के नाम दोबारा दर्ज किए गए। उनके अनुसार जिस धीमी गति से अपीलों की सुनवाई हो रही, उसे देखते हुए कई लोग वर्षों तक अपने मताधिकार से वंचित रह जाएंगे। उन्होंने इसे एक बड़ी चूक और आपराधिक साजिश करार दिया। 

कांग्रेस अपनी नाकामियों का विश्लेषण के बजाए संस्थाओं पर साध रही निशाना : स्मृति ईरानी

दूसरी तरफ भारतीय जनता पार्टी की नेता स्मृति ईरानी ने कांग्रेस के इन आरोपों पर तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपनी चुनावी नाकामियों और हार का विश्लेषण करने के बजाय संवैधानिक संस्थाओं पर निशाना साध रही है। स्मृति ईरानी ने सवाल पूछा कि जिन राज्यों में गैर-भाजपा सरकारें हैं, क्या कांग्रेस वहां की निर्वाचन प्रक्रिया को भी कटघरे में खड़ा करती है? 13.30 करोड़ नामों को हटाने के मुद्दे पर उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर किसी मृत व्यक्ति या दोहरी प्रविष्टि वाले नाम को हटाया जा रहा है तो कांग्रेस उस पर आपत्ति क्यों जता रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि चुनाव आयोग पूरी प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से पूरा कर रहा है।