बॉलीवुड के दिवंगत फिल्ममेकर संजय गुप्ता अपनी फिल्मों में अक्सर गैंगस्टर और अंडरवर्ल्ड की दुनिया की कहानियां दिखाते थे, लेकिन उनकी असल जिंदगी भी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं थी। 'कांटे' और 'शूटआउट एट लोखंडवाला' जैसी फिल्मों के निर्देशक की निजी जिंदगी में भी कई उतार-चढ़ाव आए। उनकी शादीशुदा जिंदगी एक समय मुश्किल दौर से गुजरी और बात तलाक तक पहुंच गई। दिलचस्प बात ये रही कि अलग होने के बावजूद संजय गुप्ता अपनी पत्नी अनु से प्यार करना नहीं छोड़ पाए। आखिरकार दोनों ने पुरानी गलतफहमियों को पीछे छोड़कर दोबारा शादी कर ली।

अंडरवर्ल्ड से जुड़े मामले ने बिगाड़ दिया था रिश्ता

संजय गुप्ता ने अपने एक इंटरव्यू में बताया था कि उनकी शादी टूटने के पीछे कई वजहें थीं। इनमें से एक बड़ी वजह अंडरवर्ल्ड से जुड़ा मामला भी था। दरअसल, उस समय कुछ परिस्थितियों के चलते उन्हें कई महीनों तक गुप्त रूप से लोगों से बातचीत करनी पड़ती थी। उन्होंने बताया था कि एक दोस्त ने उन्हें रहने के लिए खाली फ्लैट दिया था, जहां से वो संबंधित लोगों के फोन का इंतजार करते और बातचीत करते थे। ये सिलसिला करीब चार से पांच महीने तक चला। संजय अपनी पत्नी को इस बारे में कुछ नहीं बता सकते थे, क्योंकि वो उन्हें किसी भी खतरे से दूर रखना चाहते थे। लेकिन उनकी पत्नी को उनके अचानक घर से बाहर जाने और गतिविधियों की जानकारी न होने के कारण शक होने लगा। उन्हें लगने लगा कि शायद संजय का किसी दूसरी महिला के साथ रिश्ता है। संजय के मुताबिक, वो अपनी पत्नी को सुरक्षित रखने के लिए सच्चाई छिपा रहे थे, लेकिन इस वजह से उनके रिश्ते में गलतफहमियां बढ़ती चली गईं। 

1997 में हुई थी पहली शादी, 2003 में तलाक

संजय गुप्ता और अनुराधा की मुलाकात दोस्तों के जरिए हुई थी। करीब ढाई साल तक एक-दूसरे को डेट करने के बाद दोनों ने 18 अगस्त 1997 को शादी कर ली थी। उस समय अनुराधा की उम्र करीब 22 साल थी। शुरुआत में सब कुछ अच्छा रहा, लेकिन समय के साथ उनके रिश्ते में परेशानियां बढ़ने लगीं। आखिरकार 2003 में दोनों ने अलग होने का फैसला कर लिया और तलाक ले लिया। हालांकि, संजय ने बाद में अपने एक इंटरव्यू में स्वीकार किया था कि उनकी पहली शादी टूटने में उनकी अपनी गलतियों का भी बड़ा योगदान था। उन्होंने माना था कि उस दौर में उनका करियर ठीक नहीं चल रहा था और शराब पीने जैसी आदतों ने भी रिश्ते को प्रभावित किया। 

तलाक के बाद भी अनु को नहीं भुला पाए संजय

भले ही दोनों कानूनी रूप से अलग हो चुके थे, लेकिन उनके बीच का जुड़ाव पूरी तरह खत्म नहीं हुआ। संजय और अनुराधा के परिवार एक-दूसरे के करीब थे। उनके पालतू कुत्ते भी दोनों को मिलवाने का जरिया बने रहे। अनुराधा उनसे मिलने आती थीं और दोनों के बीच बातचीत होती रहती थी। संजय ने बताया था कि वो अनुराधा से अलग जरूर हो गए थे, लेकिन उनके लिए प्यार कभी खत्म नहीं हुआ। वो लगातार उन्हें अपनी जिंदगी में वापस लाने की कोशिश करते रहे। कई बार उन्होंने दोबारा साथ आने की बात भी कही। 

2009 में दोबारा रचाई शादी

कई साल अलग रहने के बाद संजय गुप्ता ने एक बार फिर अनुराधा को शादी के लिए प्रपोज किया। उन्होंने उनसे कहा कि जब दोनों ही एक-दूसरे को भुला नहीं पाए हैं, तो क्यों न अपने रिश्ते को एक और मौका दिया जाए। अनुराधा ने भी इस प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया। इसके बाद 3 जून 2009 को मुंबई के खार में एक मंदिर में दोनों ने करीबी लोगों की मौजूदगी में दोबारा शादी कर ली। इस तरह तलाक के करीब छह साल बाद उनकी प्रेम कहानी ने नया मोड़ लिया और दोनों फिर से जीवनसाथी बन गए। इस शादी से उनके दो बच्चे भी हैं।