बड़ौदा के युवा बल्लेबाज प्रियांशु मोलिया ने रणजी ट्रॉफी 2026-27 में अपनी ऐतिहासिक पारी से क्रिकेट जगत का ध्यान खींचा है। जम्मू-कश्मीर के खिलाफ मुकाबले में 21 वर्षीय मोलिया ने नाबाद 321 रन बनाकर तिहरा शतक जड़ा। इस पारी के दम पर मोलिया ने बड़ौदा के लिए फर्स्ट क्लास क्रिकेट में सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर का नया रिकॉर्ड कायम किया। वडोदरा के रिलायंस क्रिकेट स्टेडियम में खेले जा रहे इस मुकाबले में मोलिया ने 492 गेंदों का सामना किया। उनकी लंबी पारी में 36 चौके और एक छक्का शामिल रहा। उनकी शानदार बल्लेबाजी के दम पर बड़ौदा ने पहली पारी में 616 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया, जिससे मौजूदा रणजी चैंपियन जम्मू-कश्मीर पर बड़ा दबाव बन गया।

69 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ा

प्रियांशु मोलिया ने बड़ौदा के लिए फर्स्ट क्लास क्रिकेट में सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर का रिकॉर्ड तोड़ते हुए गुल मोहम्मद को पीछे छोड़ दिया। गुल मोहम्मद ने 1946-47 में होलकर के खिलाफ 319 रन बनाए थे। मोलिया ने नाबाद 321 रन बनाकर इस रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। इस उपलब्धि के साथ मोलिया बड़ौदा की ओर से फर्स्ट क्लास क्रिकेट में तिहरा शतक जड़ने वाले दूसरे बल्लेबाज भी बन गए। इससे पहले यह कारनामा करने वाले बल्लेबाजों में गुल मोहम्मद का नाम शामिल था।

मुश्किल स्थिति से बड़ौदा को निकाला

बड़ौदा की पारी की शुरुआत आसान नहीं रही थी। टीम ने शुरुआती विकेट गंवा दिए थे और स्कोर 169 रन पर पांच विकेट हो गया था। ऐसे समय में मोलिया ने जिम्मेदारी संभाली और महेश पिथिया के साथ बड़ी साझेदारी कर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। पिथिया ने भी शानदार बल्लेबाजी करते हुए 102 रन बनाए। दोनों बल्लेबाजों की पारियों ने बड़ौदा को शुरुआती झटकों से उबारा और टीम का स्कोर 600 के पार पहुंचाया। बड़ौदा की पूरी टीम 169 ओवर में 616 रन बनाकर आउट हुई। 

14 साल की उम्र में भी सुर्खियों में आए थे मोलिया

प्रियांशु मोलिया के लिए बड़े स्कोर बनाना कोई नई बात नहीं है। साल 2018 में, कम उम्र में ही उन्होंने वडोदरा के एक अंडर-14 टूर्नामेंट में नाबाद 556 रन की पारी खेली थी। उस पारी में उन्होंने 319 गेंदों का सामना करते हुए 98 चौके लगाए थे। उनकी इस उपलब्धि ने उन्हें जूनियर क्रिकेट में पहचान दिलाई थी। मोलिया ने 2022 में रणजी ट्रॉफी में पदार्पण किया था। वह भारत की अंडर-19 टीम का भी हिस्सा रह चुके हैं। अब सीनियर स्तर पर तिहरा शतक लगाकर उन्होंने अपने करियर की एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है।

जम्मू-कश्मीर के सामने बड़ी चुनौती

बड़ौदा के 616 रन के जवाब में जम्मू-कश्मीर ने दूसरी पारी की शुरुआत की। दूसरे दिन का खेल समाप्त होने तक टीम ने बिना विकेट गंवाए छह रन बनाए थे। हालांकि, तीसरे दिन खेल आगे बढ़ने पर जम्मू-कश्मीर के चार विकेट गिर गए और टीम 87 रन तक पहुंची। मोलिया की इस पारी ने न केवल बड़ौदा को मजबूत स्थिति में पहुंचाया, बल्कि उन्हें भारतीय घरेलू क्रिकेट के उभरते बल्लेबाजों में भी खास पहचान दिलाई है। 21 साल की उम्र में तिहरा शतक लगाना उनके करियर का यादगार पड़ाव बन गया है।