SP leader Sharafat Ali Statement : उत्तर प्रदेश के हरदोई में समाजवादी पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष शराफत अली की अमर्यादित टिप्पणी से सियासी पारा चढ़ गया है। गोपामऊ इलाके में बुलाई गई पीडीए जनसभा के मंच से उन्होंने भाजपा समर्थित जिला पंचायत प्रमुख प्रेमावती वर्मा के खिलाफ भाषा की सीमाएं लांघते हुए आपत्तिजनक बयान दिया। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आते ही भारतीय जनता पार्टी और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने कड़ा रुख अपना लिया है। सपा नेता ने दावा किया था कि मुलायम सिंह यादव ने आरक्षण का प्रावधान न किया होता तो प्रेमावती वर्मा किसी घाट पर कपड़े धोने का काम कर रही होतीं। इस कथित वीडियो की प्रामाणिकता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि की जा रही है।

कानूनी शिकंजे में कसने की तैयारी

जिला पंचायत अध्यक्ष प्रेमावती वर्मा ने कहा कि जनप्रतिनिधि और महिला के प्रति भरी सभा में ऐसी घृणित सोच का प्रदर्शन करना निंदनीय है। उन्होंने कहा कि शराफत अली की यह पुरानी फितरत रही है कि वे महिलाओं का अनादर करते हैं। उन्होंने साफ किया कि वह इस मामले में खामोश नहीं बैठेंगी और आरोपी नेता के खिलाफ थाने में प्राथमिकी दर्ज करवाकर सख्त से सख्त कानूनी कदम उठाएंगी।

सड़कों पर उतरीं महिला कार्यकर्ता

मामला गरमाते ही भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा की सदस्यों ने हरदोई के अंबेडकर पार्क के निकट उग्र प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने सपा नेता के पुतले को आग के हवाले करते हुए नारेबाजी की और कहा कि राजनीतिक मतभेदों की आड़ में किसी महिला के आत्मसम्मान को ठेस पहुंचाना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने समाजवादी पार्टी के शीर्ष कमांड से दोषी नेता को तुरंत निष्कासित करने की मांग उठाई है।

विवादित बयानों से पुराना नाता

शराफत अली का अभद्र बयानबाजी का ट्रैक रिकॉर्ड नया नहीं है। इससे पहले भी वे अपनी ही पार्टी की पूर्व सांसद ऊषा वर्मा और पूर्व विधायक राजेश्वरी देवी पर अभद्र टिप्पणियां कर चुके हैं। उस दौरान उनके बयानों का वीडियो वायरल होने पर सपा के भीतर ही बगावत हो गई थी, जिसके चलते पार्टी की प्रदेश इकाई ने उन्हें जिलाध्यक्ष पद से बेदखल कर दिया था।

बढ़ सकती हैं शराफत अली की मुश्किलें

पीड़िता द्वारा कानूनी शिकायत दर्ज कराने के ऐलान के बाद सपा नेता की मुश्किलें बढ़ना तय माना जा रहा है। अब देखने वाली बात यह होगी कि विवादों में घिरने वाले इस नेता पर समाजवादी पार्टी नेतृत्व क्या कड़ा एक्शन लेता है और पुलिस शिकायत मिलने के बाद क्या कानूनी कार्रवाई अमल में लाती है।