वृंदावन के श्रीराधा केलिकुंज आश्रम के बाहर शनिवार को कई परिवार अपने लापता परिजनों की तलाश को लेकर प्रदर्शन करने पहुंच गए। संत प्रेमानंद के शिष्य रसिक दुलारी शरण की मौत के बाद ऐसे परिवारों की चिंता बढ़ गई है, जिनके बच्चे या परिजन संत के आश्रम और उनकी शिक्षाओं से प्रभावित थे और घर से निकलने के बाद वापस नहीं लौटे। प्रदर्शन के दौरान आश्रम समर्थकों पर परिवारों से अभद्रता करने का आरोप लगा, जिसके बाद पुलिस ने तीन लोगों को हिरासत में लिया। पुलिस ने स्पष्ट किया कि हिरासत में लिए गए युवकों का आश्रम से सीधे तौर पर संबंध नहीं है।

बच्चों की तलाश में आश्रम पहुंचे परिवार

शनिवार को महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजी नगर से उज्जवला ताकपिरे अपने 20 वर्षीय बेटे ओम परमेश्वरी की तलाश में वृंदावन पहुंचीं। इसी तरह कासगंज निवासी चंद्रपाल चौहान अपने 16 वर्षीय बेटे मयंक सिंह चौहान और दिल्ली के नजफगढ़ निवासी अनीता सिंह अपने 10 वर्षीय बेटे अंश की तलाश में आश्रम पहुंचे। वृंदावन निवासी किशोरीलाल भी अपने 14 वर्षीय बेटे नवनीत को खोजते हुए केलिकुंज पहुंचे। परिवारों का कहना था कि उन्हें आश्रम के भीतर जाने और अपने परिजनों के बारे में जानकारी हासिल करने की अनुमति नहीं मिली। इसके बाद उन्होंने बच्चों की तस्वीरें लेकर आश्रम के बाहर प्रदर्शन शुरू कर दिया।

प्रदर्शन के दौरान बढ़ा विवाद

परिवारों के प्रदर्शन के दौरान कुछ लोग मौके पर पहुंचे और खुद को संत प्रेमानंद का शिष्य बताया। आरोप है कि इन लोगों ने प्रदर्शन कर रहे परिवारों के साथ अभद्र व्यवहार किया। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने दिग्विजय, सचिन और अशोक कुमार नाम के तीन युवकों को हिरासत में ले लिया। पुलिस के अनुसार, हिरासत में लिए गए तीनों लोग आश्रम समर्थक हैं, लेकिन उनका श्रीराधा केलिकुंज आश्रम से प्रत्यक्ष संबंध नहीं है।

पहले भी परिवार कर चुके हैं प्रदर्शन

इससे पहले हाथरस के एक परिवार ने अपने 16 वर्षीय बेटे अनुज चौधरी की तलाश में आश्रम के बाहर धरना दिया था। परिवार का दावा था कि अनुज ने संत प्रेमानंद से दीक्षा ली थी और जुलाई में घर से निकलने के बाद वापस नहीं लौटा। शनिवार को अनुज बरसाना में मिल गया। पूछताछ में उसने बताया कि वह पहले वाराणसी गया था और करीब चार दिन पहले बरसाना पहुंचा था। वहीं नोएडा से एक पिता अपनी 38 वर्षीय बेटी विभा कुमारी की तलाश में भी वृंदावन पहुंचे थे। परिवार के मुताबिक, विभा संत प्रेमानंद के प्रवचन सुनती थीं और 15 अगस्त से लापता हैं।

रसिक दुलारी की मौत के बाद बढ़ी निगाहें

रसिक दुलारी शरण की मौत के बाद श्रीराधा केलिकुंज आश्रम को लेकर लोगों की चिंताएं बढ़ी हैं। घटना के बाद आश्रम ने अपने नियमों में भी बदलाव किए हैं और फाइनल दीक्षा को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित किए जाने की जानकारी सामने आई है।

हाईकोर्ट में एसआईटी जांच की मांग

रसिक दुलारी शरण की मौत के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट में जनहित याचिका भी दाखिल की गई है। सामाजिक कार्यकर्ता और अधिवक्ता प्रह्लाद कृष्ण शुक्ला ने मामले की जांच एसआईटी से कराने की मांग की है। याचिका में साक्ष्यों से छेड़छाड़ की आशंका भी जताई गई है।