Delhi CJP Protest: दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन से पहले पुलिस ने संगठन के तीन प्रमुख नेताओं को हिरासत में ले लिया। इनमें CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके, प्रवक्ता सौरव दास और नेता आशुतोष रांका शामिल हैं। पुलिस ने तीनों को दिल्ली एयरपोर्ट पर विमान के अंदर से ही हिरासत में लिया। CJP ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया के विरोध में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने की योजना बनाई थी। हालांकि, दिल्ली पुलिस की ओर से प्रोटेस्ट की इजाजत नहीं दी गई थी। जानकारी के मुताबिक, शनिवार सुबह करीब 10:30 बजे मुंबई से दिल्ली पहुंचे विमान में पुलिसकर्मी दाखिल हुए और तीनों नेताओं को हिरासत में ले लिया। अभिजीत दीपके ने इस पूरी कार्रवाई का लाइव वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया। वीडियो में CJP के सदस्य पुलिसकर्मियों से बहस करते नजर आए। उन्होंने सवाल उठाया कि पुलिस विमान से बाहर निकलने तक इंतजार क्यों नहीं कर सकती थी। वीडियो में अभिजीत दीपके महिला पुलिसकर्मियों से कहते सुनाई दिए, "आप हमारे बाहर आने तक इंतजार कर सकते थे। आइए, हमें गिरफ्तार कीजिए, हम डरते नहीं हैं।"
ध्रुव राठी और CJP की लीगल सेल प्रमुख भी हिरासत में
इससे पहले शनिवार सुबह यूट्यूबर ध्रुव राठी और CJP की लीगल सेल की प्रमुख रत्ना सिंह को भी उनके घरों से हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई थी। यह एक्शन पुलिस ने राठी को सीजेपी के प्रोटेस्ट में शामिल होने से रोकने के लिए लिया। इसके साथ ही अलग-अलग स्थानों से 400 से ज्यादा संदिग्ध प्रदर्शनकारियों डिटेन किया गया है।
45 मेट्रो स्टेशन पर एंट्री/एग्जिट पर बंद
दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को CJP के प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार कर दिया था। पुलिस ने इसके पीछे अनुमति के लिए समय रहते आवेदन नहीं किए जाने का हवाला दिया। प्रदर्शन को देखते हुए राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली के 45 मेट्रो स्टेशन बंद किए गए और कई ट्रेनों को रद्द किया गया। इन प्रतिबंधों का उद्देश्य प्रदर्शनकारियों की आवाजाही को नियंत्रित करना बताया गया।
20 हजार से ज्यादा सुरक्षाकर्मी तैनात
जंतर-मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ होने वाले प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के 20 हजार से अधिक जवानों को तैनात किया गया है। CJP नेताओं की हिरासत और राजधानी में लगाए गए प्रतिबंधों को लेकर विवाद बढ़ गया है।