Awadhesh Narayan Singh Resignation News : बिहार विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह ने आज अपना पद छोड़ दिया। उन्होंने अपना इस्तीफा उपसभापति को सौंप दिया। उसके बाद विधान परिषद के शीर्ष पद पर रिक्ति उत्पन्न हो गई है। उनके पद छोड़ने के बाद अब नए सभापति के चुनाव का रास्ता पूरी तरह से साफ हो गया है, जिससे राज्य के राजनीतिक गलियारों में नए नाम को लेकर सरगर्मियां काफी तेज हो गई हैं। माना जा रहा है कि सभापति का पद जदयू के खाते में जाएगा। 

अवधेश नारायण सिंह के बाद संसदीय इतिहास का लंबा अनुभव

अवधेश नारायण सिंह बिहार की राजनीति और संसदीय इतिहास में लंबा अनुभव रखते हैं। उन्होंने काफी समय तक उच्च सदन का कुशलतापूर्वक संचालन किया और इस दौरान कई महत्वपूर्ण विधेयकों तथा जनहित के मुद्दों पर निष्पक्ष बहस संपन्न कराई। उनके इस्तीफे को वर्तमान राजनीतिक परिवेश में बेहद अहम माना जा रहा है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि सत्ताधारी गठबंधन इस गरिमामयी पद के लिए किसे अपना उम्मीदवार घोषित करता है।

उपसभापति संभालेंगे जिम्मेदारी

संसदीय परंपरा और नियमावली के मुताबिक जब सभापति का स्थान खाली होता है, तब सदन की बैठकों और कामकाज के संचालन की जिम्मेदारी उपसभापति के पास रहती है। नए सभापति के निर्वाचन संपन्न होने तक उपसभापति ही विधान परिषद की दैनिक कार्यवाही और अन्य विधायी कार्यों को आगे बढ़ाएंगे। इस अंतरिम व्यवस्था के चलते सदन के विधायी और प्रशासनिक कामकाज पर कोई असर नहीं पड़ेगा और सभी प्रक्रियाएं सुचारू रूप से चलती रहेंगी।

नए नेतृत्व की पृष्ठभूमि तैयार

इस्तीफे की आधिकारिक पुष्टि होते ही नए सभापति के चयन को लेकर राजनीतिक दलों के भीतर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। माना जा रहा कि सत्ता पक्ष जल्द ही नए नाम पर अपनी सहमति बनाकर आधिकारिक घोषणा कर सकता है। वैसे, अंतिम निर्णय निर्वाचन की औपचारिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आएगा। फिलहाल अवधेश नारायण सिंह के पद छोड़ने से विधान परिषद में नए नेतृत्व के आगमन की पृष्ठभूमि तैयार हो चुकी है। अब देखने वाली बात यह होगी कि राजनीतिक दल किसे इस उच्च पद की जिम्मेदारी सौंपते हैं और उच्च सदन का अगला अध्यक्षीय नेतृत्व कौन संभालता है।