Bihar Flood Relief Compensation Controversy : बिहार के पश्चिमी चंपारण में बाढ़ पीड़ितों को उचित सरकारी सहायता न मिलने से नाराज लौरिया से भारतीय जनता पार्टी (BJP) विधायक विनय बिहारी ने अपनी ही सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। योगापट्टी और लौरिया क्षेत्र को बाढ़ प्रभावित क्षेत्र घोषित करने तथा प्रभावित लोगों को हक दिलाने की मांग को लेकर वे मंगलवार से जिलाधिकारी कार्यालय (कलेक्ट्रेट) के बाहर धरने पर बैठेंगे।
4 बार सीएम, 2 बार मंत्री से मिलने के बाद भी मदद नहीं मिली
लौरिया प्रखंड कार्यालय पहुंचे विधायक ने बताया कि वे बाढ़ पीड़ितों को आर्थिक सहायता दिलाने के लिए मुख्यमंत्री से चार बार और आपदा प्रबंधन मंत्री से दो बार मुलाकात कर चुके हैं। उन्होंने शीर्ष नेतृत्व और वरिष्ठ अधिकारियों को स्थानीय लोगों की समस्याओं से अवगत कराया था, लेकिन प्रशासन की तरफ से पीड़ितों को राहत के नाम पर महज पॉलिथीन शीट ही दी गई है। क्षेत्र की स्थिति गंभीर है। गंडक नदी के कटाव से योगापट्टी प्रखंड की 12 पंचायतों के लगभग 30 गांव बुरी तरह प्रभावित हैं, जबकि सिसवा और मंगलपुर में 50 से अधिक घर नदी में समा चुके हैं। इसके अलावा लौरिया में सिकरहना, मसान, बलोर और पंडई नदियों के उफान से कई गांव भारी तबाही झेल रहे हैं।
भारी नुकसान के बावजूद बाढ़ प्रभावित मानने से इनकार का दावा
विधायक का आरोप है कि इतना नुकसान होने के बाद भी प्रशासनिक अधिकारी इस इलाके को बाढ़ प्रभावित मानने से इनकार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वे फिर जिलाधिकारी से मिलकर बात करेंगे। अगर, प्रशासन कोई ठोस और सकारात्मक कदम नहीं उठाता है तो वे कलेक्ट्रेट के सामने अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर देंगे।