Supreme Court News : दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रस्तावित प्रदर्शन से ठीक पहले सर्वोच्च अदालत ने पुलिस को प्रदर्शन करने वालों लोगों के खिलाफ कार्रवाई के लिए फ्री-हैंड यानी असीमित छूट देने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि किसी भी कानूनी कदम को उठाते समय युवाओं और छात्र प्रदर्शनकारियों के कॅरियर और भविष्य का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि अदालत के समक्ष खड़े अधिकांश लोग युवा छात्र और आम प्रदर्शनकारी हैं।
सुप्रीम कोर्ट की अहम टिप्पणियां
पारिवारिक प्रभाव और लंबा भविष्य : कोर्ट को इन युवाओं के माता-पिता के बारे में भी सोचना होगा। इन बच्चों के आगे पूरी जिंदगी पड़ी है और उन्हें बेवजह अदालती चक्करों व मुकदमों में नहीं उलझाया जाना चाहिए।
दूरगामी असर का ध्यान : किसी भी पुलिसिया कार्रवाई या कानूनी केस का युवा प्रदर्शनकारियों की जिंदगी पर क्या असर पड़ेगा, इसका आकलन करना जरूरी है।
अपराधियों को कोई राहत नहीं : सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जो लोग आदतन या कुख्यात अपराधी हैं और जिन पर गंभीर आरोप हैं, उन्हें अदालत के किसी भी सुरक्षात्मक आदेश का लाभ नहीं मिलेगा। ऐसे तत्वों के खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
आखिर क्या है विवाद और प्रदर्शन का कारण?
पूरा मामला 10 अक्टूबर को राजधानी के जंतर-मंतर पर प्रस्तावित एक बड़े आंदोलन से जुड़ा है। CJP ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन का ऐलान किया है।
इस विवाद के मुख्य पहलू
SIR प्रक्रिया पर सवाल : आंदोलन का सबसे बड़ा कारण मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) है।
पक्ष-विपक्ष के दावे : CJP और विपक्षी दलों का आरोप है कि वोटर लिस्ट में बदलाव करके आम नागरिकों के मताधिकार को प्रभावित किया जा रहा है और इसका सीधा फायदा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को पहुंचाने का प्रयास हो रहा है।
आरोपों का खंडन : चुनाव आयोग और भाजपा दोनों ने ही इन सभी दावों को सिरे से खारिज करते हुए बेबुनियाद बताया है।
प्रदर्शन की इजाजत खारिज और पुलिस का एक्शन
पुलिस ने जंतर-मंतर पर कार्यक्रम की इजाजत देने से इनकार कर दिया है। उनका कहना है कि आयोजकों ने प्रदर्शन की पूर्व सूचना काफी देर से दी थी और अतीत में हुए प्रदर्शनों के दौरान सुरक्षा नियमों का उल्लंघन भी देखा गया था। दूसरी तरफ CJP नेताओं ने आरोप लगाया है कि उनके कार्यकर्ताओं और दिल्ली आ रहे समर्थकों को रास्ते में रोका जा रहा तथा पुलिस उन्हें हिरासत में ले रही। इन तमाम रुकावटों और पुलिस कार्रवाई के बावजूद संगठन के नेताओं ने साफ कर दिया है कि वे 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर अपना प्रदर्शन हर हाल में जारी रखेंगे।