CJP Protest Against Gyanesh Kumar : भारत निर्वाचन आयोग और विशेष मतदाता पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को लेकर सियासी पारा चढ़ गया है। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में SIR प्रक्रिया को लेकर 3 में से 2 चुनाव आयुक्तों के बीच मतभेद के दावे के बाद विपक्षी दल आक्रामक हो गए हैं। विपक्षी पार्टियां मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रही हैं। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संयोजक अभिजीत दीपके ने मुख्य चुनाव आयुक्त की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। उन्होंने आज सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के माध्यम से ज्ञानेश को इस्तीफे देने का gyअल्टीमेटम दिया। दीपके ने लिखा-ज्ञानेश कुमार ने शनिवार तक इस्तीफा नहीं सौंपा तो सीजेपी 2 अक्टूबर को गांधी जयंती पर मुंबई से अपना देशव्यापी विरोध-प्रदर्शन शुरू करेगी। इसे आगे चलकर देश के विभिन्न शहरों में किया जाएगा।

क्या हैं 3 मुख्य मांगें?

एक दिन पहले यानी गुरुवार को सीजेपी नेताओं-अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस करके 48 घंटे की समयसीमा तय की थी। उन्होंने मुख्य रूप से 3 मांगें रखी हैं। पहली मांग-ज्ञानेश का तुरंत इस्तीफा और उन पर आपराधिक कार्रवाई। दूसरी-SIR प्रक्रिया पर रोक लगाकर जनवरी 2025 की वोटर लिस्ट को दोबारा लागू करना। तीसरी-2023 के चुनाव आयोग कानून को रद्द कर नए चुनावी सुधार लागू करना। नीट (NEET) पेपर लीक मामले में जंतर-मंतर पर सीजेपी के कड़े विरोध के बाद केंद्र सरकार को कदम पीछे खींचने पड़े थे। ऐसे में सीजेपी का यह ऐलान चुनावी माहौल में काफी मायने रखता है।

ज्ञानेश के खिलाफ महाभियोग लाने की तैयारी

दूसरी ओर कांग्रेस समेत तमाम प्रमुख विपक्षी दल भी इस मुद्दे पर आक्रामक हैं। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने भी कल प्रेस कॉन्फ्रेंस कर ज्ञानेश कुमार और सत्तारूढ़ दल को आड़े हाथों लिया था। विपक्षी पार्टियां अब ज्ञानेश के खिलाफ संसद में महाभियोग लाने की योजना बनाने के साथ-साथ सुप्रीम कोर्ट से इस मामले पर स्वतः संज्ञान लेने की अपील कर रही हैं।