अब भारतीय रेल्वे दूसरी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन चलाने की तैयारी में है। यह हाई स्पीड ट्रेन वाराणसी से नई दिल्ली के बीच चलाई जाएगी। शुरुआत में यह ट्रेन 130 कि.मी प्रति घंटा की रफ्तार से आठ घंटे में दिल्ली पहुंचाएगी। मिशन रफ्तार के तहत अपग्रेड होने के बाद इसे से 160 कि.मी. प्रति घंटा की गति देने की योजना है।

16 कोचेस की इस ट्रेन में 850 यात्रियों के बैठने की क्षमता होगी। इसमें 11 AC थ्री-टियर कोचेस के साथ चार AC टू-टियर कोच और एक फर्स्ट AC कोच लगाए जाएगे। ट्रेन में वंदे भारत सर्विस वाली सभी आधुनिक सुविधाएं होंगी।

क्या होगी टाइमिंग

वंदे भारत स्लीपर ट्रेन वाराणसी केंट से रात के 9.20 (21.30 बजे) रवानी होगी और अगले दिन सुबह 5 बजे नई दिल्ली स्टेशन पहुंचेगी. यानी ट्रेन वाराणसी से 8 घंटे में दिल्ली पहुंच जाएगी. वहीं वापसी में नई दिल्ली से रात 9.20 बजे चलेगी और अगले दिन सुबह 5 बजे वाराणसी पहुंचेगी.

कहां होंगे स्टॉपेज

वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के वाराणसी से दिल्ली तक दो स्टॉपेज रखे गए हैं। वाराणसी से रवाना हो कर यह ट्रेन रात 10ः45 को प्रयागराज पहुंचेगी। वहां से 12ः35 पर कानपुर में इसका दूसरा स्टॉप होगा। यहां से यह सीधे सुबह 5 बजे नई दिल्ली स्टेशन पहुंचेगी।

कब से शुरू होगी

इस वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का इसी महीने ट्रायल शुरू होने जा रहा है। समझा जा रहा है कि दीपावली तक यह ट्रेन शुरू कर दी जाएगी। 

 क्या होगा रेल फेयर

रेलवे ने अभी तक ट्रेन नंबर, किराए औऱ शुरु करने की तारीख का ऐलान नहीं किया है। 

रूसी सहयोग से बन रही हैं वंदे भारत ट्रेनें

 रेल विकास निगम लिमिटेड और रूसी कंपनी ट्रांस मेशहोल्डिंग (TMH)  ने मिल कर किनेट रेल्वे सॉल्यूशन लिमिटेड नामक एक ज्वॉयंट वेंचर शुरू किया है। य़ह संयुक्त उपक्रम महाराष्ट्र में मराठवाड़ा की फैक्टरी में 120 वंदे भारत  स्लीपर ट्रेनसेट का निर्माण कर रही है। हर ट्रेन में 16 कोचेस रखे गए हैं।

अब तक 80 वंदे भारत ट्रेनों का निर्माण हो चुका है। अगले 35 साल तक इन ट्रेनों के रखरखाव की जिम्मेदारी टीटागढ़ रेल सिस्टम और BHEL के संयुक्त उपक्रम को सौंपा जा रहा है।

पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन

इससे पहले भारतीय रेलवे के द्वारा हावड़ा से कामख्या तक पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन चलाई जा रही है। वहीं टाटानगर में वंदे भारत कोच मेंटेनेंस बनाया जा रहा है।