Starship Launch News : स्पेसएक्स ने अपने सबसे शक्तिशाली रॉकेट स्टारशिप के 14वें टेस्टिंग के तहत इसे अंतरिक्ष में भेजा है। 403 फीट ऊंचे इस विशालकाय व्हीकल को भारतीय समयानुसार शाम 6:16 बजे लॉन्च किया गया। यह पहला अवसर है, जब इस रॉकेट को सब-ऑर्बिटल ट्रैजेक्टरी से आगे बढ़ाकर सीधे पृथ्वी की कक्षा में भेजा गया है। सुरक्षा सुनिश्चित करने और आवश्यक तकनीकी आंकड़े एकत्र करने के मकसद से पूर्व में आयोजित सभी परीक्षणों को सीमित दूरी तक ही संचालित किया जाता था। यह पूरा मिशन लगभग 10 घंटे का होगा, जिसके दौरान स्टारशिप धरातल से 275 किलोमीटर की ऊंचाई पर रहते हुए पृथ्वी की 6 परिक्रमाएं पूरी करेगा। अपना तय कार्य समाप्त करने के बाद रॉकेट चिली के पास प्रशांत महासागर के सुरक्षित जल क्षेत्र में स्प्लैशडाउन यानी कंट्रोल लैंड करेगा।

अभियान का मुख्य फोकस क्या?

इस अभियान का सबसे मुख्य आकर्षण स्टारशिप द्वारा पहली बार 26 अत्याधुनिक स्टारलिंक वी3 उपग्रहों को अंतरिक्ष में पहुंचाना है। ये उन्नत उपग्रह वैश्विक स्तर पर इंटरनेट नेटवर्क की गति और दक्षता को अभूतपूर्व रूप से बेहतर बनाने में सक्षम हैं। नई तकनीक से निर्मित इनमें से प्रत्येक सैटेलाइट 1 टेराबिट प्रति सेकंड (Tbps) की विशाल डेटा क्षमता प्रदान करता है। इसका मतलब इस सिंगल मिशन से नेटवर्क में कुल 26 Tbps की क्षमता जुड़ जाएगी, जो फॉल्कन 9 रॉकेट के माध्यम से भेजे जाने वाले पारंपरिक सैटेलाइट्स की तुलना में लगभग 10 गुना अधिक है।

कक्षा में अलग होते ही उपग्रह खोलेंगे सोलर पैनल-एंटीना

कक्षा में अलग होते ही ये उपग्रह अपने सोलर पैनल और एंटीना खोल लेंगे। इसके बाद वे रेडियो तरंगों और लेजर तकनीक के माध्यम से पृथ्वी स्थित स्टेशनों तथा दूसरी सैटेलाइट से संपर्क साधेंगे। अपने ऑनबोर्ड थ्रस्टर्स का उपयोग करते हुए ये सैटेलाइट्स अपनी अंतिम कक्षा में स्थापित होंगे और आवश्यक जांच प्रक्रियाओं के बाद सेवाएं देना शुरू कर देंगे।

हीटशील्ड की तस्वीरें वैज्ञानिकों को मिलेंगी

इसके अलावा इस मिशन में शामिल 3 विशेष उपग्रहों में उच्च तकनीक वाले कैमरे लगाए गए हैं। ये कैमरे अंतरिक्ष में स्टारशिप की बाहरी हीटशील्ड का विस्तृत निरीक्षण कर उसकी तस्वीरें वैज्ञानिकों को भेजेंगे। वायुमंडल में पुनः प्रवेश के दौरान अत्यधिक तापमान से सुरक्षा देने वाली इस परत का विश्लेषण भविष्य में रॉकेट को वापस सीधे लॉन्च पैड पर सुरक्षित उतारने की रणनीति बनाने में अत्यंत मददगार साबित होगा।