PM Modi Mann Ki Baat Today News : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज मन की बात कार्यक्रम में नागरिकों को संबोधित करते हुए भारत की नई रक्षा नीति, सांस्कृतिक पुनर्जागरण, सामाजिक पहलों और महिला सशक्तीकरण की कई गाथाओं को सामने रखा। उन्होंने बताया कि आधुनिक भारत आतंकवाद के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस (शून्य सहनशीलता) के सिद्धांत पर दृढ़ता से आगे बढ़ रहा है। कार्यक्रम के दौरान रक्षा अभियानों से लेकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था और पर्यावरण संरक्षण के विविध विषयों पर विस्तृत संवाद किया गया।

सर्जिकल स्ट्राइक के एक दशक

प्रधानमंत्री ने 28-29 सितंबर 2016 की रात की गई सर्जिकल स्ट्राइक का जिक्र करते हुए बताया कि भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा नियंत्रण रेखा (LoC) के पार की गई वह कार्रवाई भारत की सुरक्षा नीति में एक ऐतिहासिक मोड़ थी। उरी हमले के जवाब में सैन्य बलों द्वारा आतंकी ठिकानों को ध्वस्त करने के उस कदम ने संपूर्ण विश्व को भारत की नई रणनीतिक क्षमता से परिचित कराया। पीएम मोदी ने रेखांकित किया कि पिछले दस वर्षों में भारत ने सुरक्षा के मोर्चे पर अपनी आक्रामक और स्पष्ट नीति कायम रखी है। बालाकोट में हवाई हमले से ऑपरेशन सिंदूर जैसी कार्रवाइयों के माध्यम से यह संदेश बार-बार दोहराया गया है कि देश की सीमाओं या नागरिकों की सुरक्षा पर आंच आने पर सख्त कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि सीमा पार आतंकवाद का मुकाबला करने में अब भारत रक्षात्मक रुख के बजाय त्वरित और सटीक कार्रवाई को प्राथमिकता देता है।

अशोक सिंहल की जन्म शताब्दी पर नमन

विहिप के कार्यकारी अध्यक्ष रहे अशोक सिंहल को याद करते हुए प्रधानमंत्री ने उनकी 100वीं जयंती पर श्रद्धांजलि व्यक्त की। 27 सितंबर 1926 को आगरा में जन्मे अशोक सिंहल के योगदान की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि सिंहल जी ने अपना पूरा जीवन राष्ट्र, संस्कृति और सामाजिक समरसता के लिए अर्पित कर दिया। पीएम ने उनके तपस्वी जीवन का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि राम जन्मभूमि आंदोलन को वैचारिक दिशा और ऊर्जा देने में उनकी अग्रणी भूमिका रही। आज अयोध्या में निर्मित भव्य श्री राम मंदिर उसी दीर्घकालिक संघर्ष और सांस्कृतिक निष्ठा का साकार स्वरूप है।

मोढेरा सूर्य मंदिर का सहस्त्राब्दी वर्ष और आधुनिक सौर क्रांति

गुजरात के प्रसिद्ध मोढेरा सूर्य मंदिर के ऐतिहासिक संदर्भ को साझा करते हुए पीएम ने बताया कि 1026 ईस्वी में महमूद गजनी द्वारा सोमनाथ पर हमले के दौरान इस दिव्य स्थल को भी नुकसान पहुंचाया गया था। इस सूर्य मंदिर की नींव 1025 ईस्वी में चालुक्य वंश के महाराजा भीमदेव प्रथम ने रखी थी। इस प्रकार इस ऐतिहासिक धरोहर के विध्वंस को 1000 वर्ष पूर्ण हो रहे हैं। विशेष बात है कि एक हजार वर्ष पूर्व क्षति झेलने वाला मोढेरा आज आधुनिक भारत में एक नए स्वरूप में उभर कर सामने आया है। यह स्थान अब न केवल अपनी प्राचीन वास्तुकला के लिए प्रसिद्ध है, बल्कि भारत के पहले पूर्ण सौर ऊर्जा संचालित गांव (सोलर विलेज) के रूप में वैश्विक पटल पर एक नई मिसाल कायम कर चुका है।

सुंदरबन की वीरांगनाएं: आपदा से आजीविका तक का सफर

पश्चिम बंगाल के सुंदरबन में झारखाली क्षेत्र की महिलाओं का साहसिक कार्य कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण रहा। प्रधानमंत्री ने बताया कि इस दुर्गम क्षेत्र की महिलाएं मैंग्रोव के वनों के रोपण और संरक्षण में जुटी हुई हैं। इनमें से कई महिलाएं ऐसी हैं जिन्होंने अपने पतियों को बाघों के हमलों (टाइगर अटैक) में खो दिया था। पति के असमय चले जाने के बाद इन महिलाओं ने अपनी आजीविका के लिए सुंदरबन के प्राकृतिक पर्यावरण को ही अपना आधार बनाया। इनके द्वारा रोपे गए मैंग्रोव के घने पेड़ अब तटीय गांवों के लिए प्राकृतिक चक्रवातों और कटाव से रक्षा करने वाली दीवार साबित हो रहे हैं। यह पहल पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ कठिन परिस्थितियों में महिला सशक्तिकरण की एक उत्कृष्ट मिसाल बन चुकी है।

राष्ट्रव्यापी जनगणना और माणा गांव से शुरुआत

देश में चल रही जनगणना प्रक्रिया पर बात करते हुए पीएम मोदी ने जानकारी दी कि सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में इसका पहला चरण लगभग पूर्णता की ओर है। अब तक 32 करोड़ से अधिक परिवारों से जुड़ा डेटा दर्ज किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड के चमोली जिला स्थित माणा गांव से इस वृहद अभियान का शुभारंभ किया गया। माणा को आधिकारिक तौर पर भारत का पहला गांव स्वीकार किया गया है। प्रधानमंत्री ने जनगणना को एक अनिवार्य राष्ट्रीय दायित्व बताते हुए नागरिकों से इसमें सक्रिय भागीदारी दर्ज कराने का आह्वान किया।

महात्मा गांधी की जयंती और जनभागीदारी का संकल्प

2 अक्टूबर को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती पर प्रधानमंत्री ने स्वच्छता अभियानों में आम लोगों की भूमिका को सराहा। उन्होंने कहा कि बापू द्वारा दिए गए स्वच्छता के संदेश को देशवासियों ने एक जनआंदोलन का रूप दे दिया है। जब कोई व्यक्ति अकेले पहल करता है और धीरे-धीरे लोग उससे जुड़ते चले जाते हैं तो वही जनभागीदारी की असली ताकत बनती है। बापू को सच्ची श्रद्धांजलि स्वच्छता को अपने दैनिक आचरण में शामिल करना ही है।

क्षेत्रीय प्रतिभा और ग्रामीण विकास के अनूठे प्रयास

नशा मुक्त युवा अभियान : देशभर में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियानों में युवाओं की सक्रिय भागीदारी की सराहना की गई। लाखों युवाओं ने न केवल स्वयं नशे से दूर रहने का संकल्प लिया है, बल्कि अपने आसपास के लोगों को भी इस सामाजिक बुराई से मुक्त कराने का बीड़ा उठाया है।

हॉकी प्रतिभाओं को नई दिशा : पूर्व हॉकी खिलाड़ी राजिंदर सिंह सीनियर के जमीनी प्रयासों का उल्लेख करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि वे ग्रामीण क्षेत्रों में छिपी खेल प्रतिभाओं की खोज कर उन्हें पेशेवर प्रशिक्षण दे रहे हैं। छोटे शहरों और गांवों से आने वाले बच्चों को सही अवसर प्रदान करके ही भारत खेलों के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर बड़ी सफलताएं प्राप्त कर सकता है।

प्रतापगढ़ का आंवला और एक जिला-एक उत्पाद: उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ में आंवला प्रसंस्करण (प्रोसेसिंग) के बढ़ते प्रभाव पर प्रकाश डाला गया। वहां 100 प्रसंस्करण इकाइयां कार्यरत हैं। इनमें खुद सहायता समूहों की महिलाएं बड़े पैमाने पर जुड़ी हैं। देवगढ़ कमासी गांव के सावित्री फुले स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा निर्मित आंवला कैंडी, मुरब्बा और जूस जैसे उत्पाद एक जिला-एक उत्पाद (ODOP) योजना के माध्यम से दूर-दराज के बाजारों तक पहुंच रहे, जिससे उनकी ग्रामीण आय में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है।

सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण: तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली स्थित मनप्पारई में पारंपरिक धरोहरों को सहेजने के प्रयासों तथा असम में प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने के लिए किए जा रहे स्थानीय कार्यों की भी प्रधानमंत्री ने प्रशंसा की।