दो बार वर्ल्ड कप जीतने वाली इंग्लैंड टीम का हिस्सा रहे और अपने दौर के सबसे तेज गेंदबाजों में से एक, मार्क वुड ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास का ऐलान कर दिया है। वुड ने 2015 में लॉर्ड्स में न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ डेब्यू करने के बाद से 38 टेस्ट मुकाबलों में 119 विकेट लिए। 36 वर्षीय वुड लंबे समय से चोटों का सामना कर रहे थे। आखिरकार उन्होंने इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कहने का फैसला किया। 11 साल के करियर में उन्होंने अपनी रफ्तार और आक्रामक गेंदबाजी से क्रिकेट की दुनिया में खास पहचान बनाई।
चोटों ने लगातार बढ़ाई परेशानी
मार्क वुड के करियर में चोटों का सिलसिला लगातार चलता रहा। हाल ही में उनके बाएं घुटने की समस्या सबसे बड़ी चुनौती थी। 2025 में घुटने की सर्जरी के बाद उन्होंने वापसी करते हुए और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 2025-26 एशेज सीरीज के पर्थ टेस्ट में मैदान पर खेलने भी उतरे। हालांकि, उस मुकाबले में उनका घुटना फिर से परेशान करने लगा। इसके चलते वुड सीरीज के बाकी मुकाबलों से बाहर हो गए और नवंबर 2025 के बाद इंग्लैंड के लिए कोई अंतरराष्ट्रीय मैच नहीं खेल पाए। वुड ने बताया कि लगातार चोट से वापसी करने की कोशिश ने उन्हें काफी थका दिया। डॉक्टरों ने सलाह देते हुए उन्हें बताया कि टेस्ट और 50 ओवर के क्रिकेट में वापसी करना संभव नहीं है। यही कारण उनके संन्यास की बड़ी वजह बना।
तीनों फॉर्मेट में छोड़ी अपनी छाप
वुड ने इंग्लैंड के लिए 38 टेस्ट मैच खेले और इस दौरान 119 विकेट हासिल किए। वनडे क्रिकेट में उन्होंने 70 मुकाबलों में 80 विकेट चटकाए, जबकि 38 T20I मैचों में उनके नाम 54 विकेट रहे। तीनों फॉर्मेट को मिलाकर उन्होंने इंग्लैंड के लिए 146 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले। वुड कई मौकों पर 150 किलोमीटर प्रति घंटे के आसपास की गति से गेंदबाजी करते नजर आए और बल्लेबाजों के लिए लगातार मुश्किलें खड़ी कीं।
दो विश्व कप जीत में रहे अहम हिस्सा
वुड इंग्लैंड की पहली वनडे विश्व कप जीत का हिस्सा रहे। 2019 में घरेलू मैदान पर खेले गए टूर्नामेंट में उन्होंने 18 विकेट झटके थे। इंग्लैंड ने इसी साल पहली बार पुरुष वनडे विश्व कप का खिताब जीता था। इसके बाद 2022 में ऑस्ट्रेलिया में आयोजित टी20 विश्व कप में भी वुड इंग्लैंड की चैंपियन टीम का हिस्सा थे। उन्होंने उस टूर्नामेंट में चार मैच खेलकर नौ विकेट लिए थे। लेकिन, चोट के कारण वह सेमीफाइनल और फाइनल में मैदान पर नहीं उतर सके।
एशेज में भी यादगार प्रदर्शन
मार्क वुड ने अपने करियर में चार एशेज सीरीज में हिस्सा लिया। 2015 में अपने डेब्यू एशेज अभियान में उन्होंने नॉटिंघम के ट्रेंट ब्रिज में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ निर्णायक विकेट लिया था। 2023 की एशेज में भी उनकी तेज गेंदबाजी ने इंग्लैंड को वापसी करने में मदद की। लीड्स टेस्ट में उनके प्रभावशाली स्पेल ने मैच का रुख बदलने में अहम भूमिका निभाई थी।
इंग्लैंड के लिए खेलना सबसे बड़ा सम्मान
संन्यास का ऐलान करते हुए मार्क वुड ने कहा कि इंग्लैंड की जर्सी पहनकर देश का प्रतिनिधित्व करना उनके करियर का सबसे खास अनुभव रहा। उन्होंने बताया कि चोटों से उबरने के लिए उन्होंने लंबे समय तक मेहनत की और मैदान पर वापसी की कोशिश जारी रखी, लेकिन मौजूदा मेडिकल स्थिति ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में आगे खेलना उनके लिए मुश्किल कर दिया।
वुड ने माना कि बीते एक साल में बार-बार चोटिल होने के कारण इंग्लैंड के लिए दोबारा मैदान पर उतरने की उनकी उम्मीदें धीरे-धीरे कमजोर होती गईं। उन्होंने अपने अंतरराष्ट्रीय सफर को याद करते हुए कहा कि देश के लिए खेलने के साथ अलग-अलग देशों की यात्रा करना और दुनिया के शीर्ष खिलाड़ियों के खिलाफ प्रतिस्पर्धा करना उनके लिए बेहद यादगार रहा।
इंग्लैंड क्रिकेट ने दी श्रद्धांजलि
इंग्लैंड पुरुष क्रिकेट के मैनेजिंग डायरेक्टर रॉब की ने भी वुड के अंतरराष्ट्रीय करियर को याद करते हुए उनकी तारीफ की। उन्होंने कहा कि वुड ने एशेज जीत और दो विश्व कप अभियानों में महत्वपूर्ण योगदान दिया और जब भी गेंद उनके हाथ में आई, उन्होंने दर्शकों को रोमांचित किया। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास के बाद वुड अब कमेंट्री की दुनिया में भी नजर आ सकते हैं। वह इंग्लैंड और श्रीलंका के बीच मंगलवार को होने वाले वनडे मुकाबले के लिए स्काई स्पोर्ट्स की कमेंट्री टीम का हिस्सा होंगे।