कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की पटना में आयोजित एक सभा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर की गई टिप्पणी पर विवाद गहरा गया है। इस बीच सभा में मौजूद जिस व्यक्ति की बात पर खरगे ने तीखी प्रतिक्रिया दी थी, उसने सफाई देते हुए कहा है कि उसकी पूरी बात सुनी ही नहीं गई। संतोष कुमार नाम के इस व्यक्ति का दावा है कि वह खुद नरेंद्र मोदी को सत्ता से हटाने की बात कह रहा था, लेकिन उसके अधूरे वाक्य को गलत समझ लिया गया। 

कैसे शुरू हुआ पूरा विवाद?

यह घटना रविवार, 25 अक्टूबर को पटना के बापू सभागार में बिहार के पहले मुख्यमंत्री श्रीकृष्ण सिंह की 139वीं जयंती पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान हुई। खरगे अपने भाषण में भाजपा सरकार और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर सवाल उठा रहे थे। इसी दौरान भीड़ में से एक व्यक्ति की आवाज सुनाई दी, जिसमें कहा गया कि मोदी कहीं नहीं जाएंगे। इस पर खरगे ने जवाब देते हुए कहा, “मोदी का बाप भी जाएगा।” उन्होंने इस वाक्य को दोहराया, जिसके बाद कार्यक्रम स्थल पर हंगामा शुरू हो गया। वहां मौजूद कुछ लोगों ने संतोष कुमार को घेर लिया और उनके साथ मारपीट कर उन्हें सभागार से बाहर निकाल दिया। 

संतोष कुमार ने क्या दी सफाई?

सभागार से बाहर आने के बाद संतोष कुमार ने कहा कि उनकी बात को अधूरा सुनकर गलत अर्थ निकाल लिया गया। उनके मुताबिक, वह कह रहे थे कि जब तक देश में विद्रोह नहीं होगा, तब तक नरेंद्र मोदी सत्ता से नहीं हटेंगे। उनका दावा है कि वाक्य का केवल एक हिस्सा लोगों तक पहुंचा और इसी वजह से गलतफहमी पैदा हुई। रिपोर्टों के अनुसार, संतोष कुमार ने खुद को बिहार के छपरा का निवासी और कांग्रेस कार्यकर्ता बताया। उन्होंने कहा कि उनका इरादा प्रधानमंत्री का समर्थन करना नहीं था, बल्कि वह उन्हें सत्ता से हटाने की बात कर रहे थे।

खरगे के बयान पर भाजपा का विरोध

खरगे की टिप्पणी के बाद भाजपा नेताओं ने कांग्रेस अध्यक्ष पर निशाना साधा। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया पर बयान की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि खरगे ने राजनीतिक मर्यादा का उल्लंघन किया है। भाजपा ने इस मुद्दे पर देशभर में विरोध प्रदर्शन करने की घोषणा भी की। वहीं, कांग्रेस की ओर से खरगे के बयान का बचाव किया गया। पार्टी के मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने दावा किया कि खरगे का इशारा प्रधानमंत्री के वैचारिक मार्गदर्शक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की ओर था। इस तरह घटना को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं।