भारत और वेस्टइंडीज के बीच पांच मैचों की टी20 सीरीज का तीसरा मुकाबला रविवार, 11 अक्टूबर को इंदौर के होलकर स्टेडियम में खेला जाएगा। फिलहाल सीरीज 1-1 की बराबरी पर है, इसलिए दोनों टीमें बढ़त बनाने के इरादे से मैदान पर उतरेंगी। पिछले मैच में दोनों टीमों ने मिलकर 500 से अधिक रन बनाए थे। अब इंदौर की बल्लेबाजी के अनुकूल पिच पर एक बार फिर बड़े स्कोर वाले मैच की उम्मीद की जा रही है।

होलकर स्टेडियम में बल्लेबाजों को मिल सकती है मदद

इंदौर का होलकर स्टेडियम अपनी छोटी बाउंड्री और रन बनाने के अनुकूल परिस्थितियों के लिए जाना जाता है। यहां बल्लेबाजों को बड़े शॉट खेलने के मौके मिल सकते हैं। तेज आउटफील्ड के कारण गेंद के बाउंड्री तक पहुंचने की संभावना भी बढ़ जाती है। ऐसे में भारतीय और वेस्टइंडीज के गेंदबाजों के सामने रन रोकने की चुनौती होगी। उन्हें सही लाइन-लेंथ के साथ गेंदबाजी करनी होगी, क्योंकि छोटी गलतियां भी बल्लेबाजों को बड़ा स्कोर बनाने का मौका दे सकती हैं।

पिछले मुकाबले में बने थे 500 से ज्यादा रन

सीरीज के दूसरे मुकाबले में बल्लेबाजों का आक्रामक अंदाज देखने को मिला था। दोनों टीमों ने मिलकर 500 से ज्यादा रन बनाए और मुकाबला आखिरी चरण तक रोमांचक बना रहा। वेस्टइंडीज ने भारत के बड़े स्कोर का पीछा करते हुए जीत दर्ज की थी। इस नतीजे ने सीरीज को बराबरी पर ला दिया। भारतीय टीम के लिए अब सबसे बड़ी चुनौती अपनी गेंदबाजी में सुधार करना होगी, जबकि कैरेबियाई टीम पिछले मैच के प्रदर्शन से आत्मविश्वास लेकर मैदान पर उतरेगी।

भारतीय बल्लेबाजों से फिर बड़ी पारी की उम्मीद

भारतीय बल्लेबाजी क्रम ने शुरुआती मुकाबलों में अच्छी लय दिखाई है। संजू सैमसन ने दूसरे टी20 में 82 रन की शानदार पारी खेलकर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया था। कप्तान श्रेयस अय्यर समेत अन्य बल्लेबाजों से भी बेहतरीन प्रदर्शन की उम्मीद होगी। भारत को एक बार फिर ताबड़तोड़ शुरुआत करते हुए एक विशाल स्कोर की मजबूत नींव रखनी होगी। टीम इंडिया के लिए सिर्फ रन बनाना ही पर्याप्त नहीं होगा, टीम को आखिरी ओवरों में विकेट बचाने और दबाव के समय सही फैसले लेने पर भी ध्यान देना होगा।

गेंदबाजी में सुधार करना चाहेगी टीम इंडिया

पिछले मुकाबले में भारतीय गेंदबाज वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों को रोकने में सफल नहीं रहे थे। खास तौर पर तेज गेंदबाजों को रन गति पर नियंत्रण रखने में परेशानी हुई। अब टीम प्रबंधन गेंदबाजी संयोजन में बदलाव करने पर विचार कर सकता है। मयंक यादव जैसे तेज गेंदबाजों से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद रहेगी। वहीं, भारतीय टीम के पास नितीश कुमार रेड्डी को मौका देने का विकल्प भी हो सकता है। अंतिम एकादश का फैसला टॉस के आसपास ही स्पष्ट होगा।

शाई होप और शेरफेन रदरफोर्ड पर रहेंगी नजरें

वेस्टइंडीज की टीम अपनी आक्रामक बल्लेबाजी के लिए जानी जाती है। पिछले मैच में शाई होप और शेरफेन रदरफोर्ड ने भारतीय गेंदबाजों पर दबाव बनाया था। दोनों बल्लेबाज एक बार फिर टीम के लिए अहम भूमिका निभा सकते हैं। कैरेबियाई टीम की कोशिश होगी कि पिछले मुकाबले की लय बरकरार रखी जाए। भारत को इन बल्लेबाजों को जल्द आउट करना होगा, ताकि वेस्टइंडीज के लिए बड़े लक्ष्य का पीछा करना मुश्किल हो जाए।

सीरीज में बढ़त हासिल करने का मौका

पांच मैचों की सीरीज में दोनों टीमें एक-एक मुकाबला जीत चुकी हैं। ऐसे में तीसरा टी20 मुकाबला सीरीज की दिशा तय करने के लिहाज से अहम है। भारत घरेलू मैदान का फायदा उठाकर वापसी करना चाहेगा, जबकि वेस्टइंडीज लगातार दूसरी जीत के साथ बढ़त बनाने की कोशिश करेगा। इंदौर में दर्शकों को एक और हाई-स्कोरिंग मुकाबला देखने को मिल सकता है। मैच का नतीजा इस बात पर निर्भर करेगा कि कौन-सी टीम दबाव के क्षणों में बेहतर प्रदर्शन करती है और गेंदबाजी में गलतियों को कम रखती है।