IMF Growth Projection News : भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए अच्छी खबर है। World Bank के बाद अब अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने भारत की आर्थिक विकास दर का अनुमान बढ़ा दिया है। IMF के मुताबिक चालू वित्त वर्ष में देश की जीडीपी 7 प्रतिशत की रफ्तार से आगे बढ़ सकती है। इससे पहले संस्था ने इसके 6.4 फीसदी रहने की उम्मीद जताई थी। IMF का मानना है कि भले अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल के दाम चढ़ रहे हों। दुनियाभर में अनिश्चितता का माहौल हो, लेकिन भारत में सामानों की मजबूत मांग और सेवा क्षेत्र (सर्विस सेक्टर) की शानदार परफॉर्मेंस के दम पर अर्थव्यवस्था को जबरदस्त रफ्तार मिल रही। यह नया अनुमान भारत को उन सभी ऊर्जा-आयातक विकासशील देशों से अलग खड़ा करता है, जो फिलहाल कमजोर ग्रोथ की समस्या से जूझ रहे। वर्ल्ड बैंक और OECD जैसे वैश्विक संगठनों ने भी भारत के विकास दर अनुमान में सुधार किया है, वहीं अन्य बड़ी रेटिंग एजेंसियां भी इसे 7 फीसदी के आसपास मान रहीं। यह पूरे विश्व का भारत की मजबूती पर अटूट भरोसा दर्शाता है। 

भारत का भविष्य बेहद सुनहरा

संस्था ने यह भी बताया कि लगातार मिल रही तेजी, काम करने योग्य युवा आबादी (अनुकूल डेमोग्राफी), विशाल घरेलू बाजार और सरकार द्वारा किए जा रहे बुनियादी सुधारों के बल पर भारत का भविष्य बेहद सुनहरा है। अक्टूबर 2026 की वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक रिपोर्ट में IMF ने कहा कि ग्रोथ रेट बढ़ाने के मामले में भारत बाकी दुनिया के मुकाबले काफी आगे दिख रहा है।

आंकड़ों में समझें भारत की बढ़त

साल 2026 के लिए: IMF ने विकास दर का अनुमान जुलाई की रिपोर्ट से 0.6% और अप्रैल की रिपोर्ट से 0.5% बढ़ा दिया है।

साल 2027 के लिए: इस अवधि के लिए भी विकास अनुमान को बढ़ाकर 7% कर दिया गया है। यह आंकड़ा जुलाई से 0.3% और अप्रैल के अनुमान से 0.5% अधिक है।

विश्व की आर्थिक वृद्धि दर अगले वर्ष 3.4% होने का अनुमान

यह उपलब्धि खास है, क्योंकि वैश्विक अर्थव्यवस्था इस समय सुस्ती का सामना कर रही। IMF का आकलन है कि दुनिया की आर्थिक वृद्धि दर 2026 में 3.1 प्रतिशत और 2027 में 3.4 प्रतिशत ही रह सकती है। वहीं, एशिया के उभरते व विकासशील देशों की औसतन वृद्धि दर वर्ष 2025 के 5.6 फीसदी के मुकाबले घटकर 2026 में 5.1 फीसदी और 2027 में 4.9 फीसदी पर सिमट सकती है। दूसरी ओर हमारे पड़ोसी देश चीन की अर्थव्यवस्था में सुस्ती का रुख बना है। महंगी ऊर्जा, अनिश्चितताओं और आंतरिक बाधाओं के चलते चीन की विकास दर 2026 में घटकर 4.5 प्रतिशत और 2027 में 4% रहने की संभावना है।

AI की उछाल से कमोडिटी मार्केट के झटके बेअसर

IMF की मुख्य आर्थिक सलाहकार और अनुसंधान विभाग की निदेशक सिल्वाना टेनरेरो ने भारत की तारीफ करते हुए कहा कि एशियाई बाजार ने काफी मजबूती दिखाई है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में आए उछाल ने कमोडिटी मार्केट के झटकों को बेअसर कर दिया है। इसमें भारत और चीन पूरी दुनिया के लिए विकास के सबसे बड़े इंजन बनकर उभरे हैं।