Karnataka Politics : बेंगलुरु में एसआईआर (SIR) के खिलाफ एक आयोजन में यूट्यूबर ध्रुव राठी की उपस्थिति को लेकर विवाद पैदा हुआ है। पूर्व पुलिस आयुक्त भास्कर राव ने इस मामले में केंद्रीय गृह मंत्रालय से दखल देने और ध्रुव राठी की नागरिकता, वीजा शर्तों व आव्रजन नियमों के पालन की विस्तृत जांच कराने की मांग की है।

गृह सचिव को भेजा पत्र

केंद्रीय गृह सचिव को लिखे पत्र में भास्कर राव ने कहा कि जर्मन नागरिकता रखने वाले ध्रुव राठी ने अभिनेता प्रकाश राज और अन्य हस्तियों के साथ इस आंदोलन में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने भारत के निर्वाचन आयोग और मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण की प्रक्रिया पर सवाल उठाए। पूर्व आईपीएस अधिकारी और भाजपा नेता भास्कर राव ने सोशल मीडिया पर पत्र साझा करते हुए कहा कि जांच का मुख्य बिंदु यह है कि क्या कोई विदेशी नागरिक या ओसीआई कार्डधारक भारत में किसी राजनीतिक या संवैधानिक संस्था के विरुद्ध हुए प्रदर्शन में शामिल हो सकता है।

कानूनी कार्रवाई और वीजा नियमों की पड़ताल की मांग

राव ने कहा कि फॉरेनर्स एक्ट 1946 आव्रजन नियमों या वीजा की शर्तों का कोई उल्लंघन पाया जाता है, तो कानून के तहत सख्त कदम उठाए जाने चाहिए। उन्होंने मंत्रालय से मांग की है कि राठी की नागरिकता की स्थिति, भारत में दाखिल होने के लिए इस्तेमाल किए गए पासपोर्ट, वीजा की श्रेणी और उनके प्रवास के घोषित कारणों की पूरी जांच की जाए। उन्होंने यह भी पूछा कि फ्रीडम पार्क में सिविल सोसाइटी और सीजेपी द्वारा आयोजित पीपुल्स ट्रिब्यूनल नामक कार्यक्रम में भाषण देने और मंच साझा करने के लिए क्या राठी ने पहले से कोई आधिकारिक अनुमति ली थी। प्रशासन को यह देखना चाहिए कि क्या किसी विदेशी नागरिक का इस तरह के सार्वजनिक अभियानों में हिस्सा लेना नियमानुसार वैध है।