Sambit Patra Statement On Opposition : विपक्षी दलों की तरफ से निर्वाचन आयोग और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर लगाए जा रहे आरोपों के बीच भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने करारा पलटवार किया है। बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और सांसद संबित पात्रा ने विपक्ष के विरोध-प्रदर्शन और बयानों को पूरी तरह से प्रायोजित और मनगढ़ंत करार दिया है। उन्होंने कहा, देश की विपक्षी पार्टियां किसी भी तरह राहुल को पीएम बनाने का नाकाम प्रयास कर रहीं और यह सिलसिला काफी समय से जारी है।

विपक्षी दल देश में अराजकता का माहौल बनाना चाह रहा : पात्रा

संबित पात्रा ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सर्वोच्च अदालत में मामले की सुनवाई चलने के बावजूद विपक्षी दल देश में झूठ और अराजकता का माहौल बनाने की साजिश रच रहे हैं। उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार की नियुक्ति 19 फरवरी 2025 को हुई थी, जबकि भाजपा ने उससे पहले भी लोकसभा और कई राज्यों के विधानसभा चुनावों में शानदार जीत दर्ज की है। ऐसे में यह कहना पूरी तरह बेबुनियाद है कि भाजपा चुनाव जीतने के लिए ज्ञानेश कुमार पर निर्भर है। भाजपा प्रवक्ता ने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा की मदद ज्ञानेश कुमार नहीं, बल्कि विघ्नहर्ता भगवान गणेश जी कर रहे हैं। भारत की जनता बुद्धि, ज्ञान और विवेक से संपन्न है और वह भली-भांति जानती है कि देश का विकास किसके हाथों में सुरक्षित है। देश के मतदाता अब परिवारवाद को पूरी तरह नकार चुके हैं। वे अपना वोट उसी नेतृत्व को देंगे जो राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखता है।

राहुल को बार-बार री-लॉन्च करने की कोशिशें : पात्रा

संबित पात्रा ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी को बार-बार राजनीति में री-लॉन्च करने की कोशिशें की जा रही हैं। जब हर प्रयास विफल हो जाता है तो विपक्ष अराजकता फैलाने का रास्ता अपनाता है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को स्थापित करने की होड़ में कभी सुप्रीम कोर्ट, कभी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) तो कभी बहुसंख्यक समाज पर निशाना साधा जाता है और अब यही हमला चुनाव आयोग पर केंद्रित कर दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट में चल रही सुनवाई का जिक्र करते हुए पात्रा ने कहा कि ज्ञानेश को पद से हटाने की याचिका पर कल जब अदालत ने अपना रुख स्पष्ट करते हुए नोटिस जारी किया, उसके तुरंत बाद ही राहुल गांधी ने सवाल उठाने शुरू कर दिए। उन्होंने चुनाव आयोग के हवाले से स्पष्ट किया कि फॉर्म-6 में कोई मूल बदलाव नहीं किया गया है, बल्कि SIR प्रक्रिया के तहत केवल एक नया घोषणापत्र संलग्न किया गया है।

पूर्व पीएम राजीव गांधी ने शुरू कराया था ईवीएम से चुनाव

मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा फिर से बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग पर बीजेपी ने इतिहास याद दिलाया। पात्रा ने कहा कि ईवीएम की शुरुआत 1989 में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के कार्यकाल में हुई थी और 2004 में पूर्ण रूप से इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन का इस्तेमाल शुरू हुआ। उन्होंने यह भी बताया कि हाल ही में त्रिपुरा में विलेज कमेटी के चुनाव बैलेट पेपर से कराए गए थे, जहाँ भी कांग्रेस को करारी शिकस्त मिली और भाजपा ने भारी बहुमत से जीत हासिल की।

मृत लोगों के नाम नहीं हटाए जाने चाहिए थे क्या? 

भाजपा नेता ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंत में राहुल गांधी और विपक्षी नेताओं से तीखे सवाल पूछे। उन्होंने सवाल किया कि क्या मतदाता सूची से लगभग 2.8 करोड़ मृत लोगों के नाम नहीं हटाए जाने चाहिए? क्या कांग्रेस नेता यह मानते हैं कि कर्नाटक और तमिलनाडु में उनकी जीत वोट चोरी से हुई है? उन्होंने यह भी पूछा कि 1993 से पहले जब सिर्फ प्रधानमंत्री ही चुनाव आयुक्त की नियुक्ति करते थे, तो क्या वे केवल अपने कठपुतली अधिकारियों को बिठाते थे? पात्रा ने सवाल दागा कि राजीव गांधी द्वारा लाई गई ईवीएम व्यवस्था के खिलाफ क्या आज की कांग्रेस नारेबाजी करने को तैयार है?