कौशाम्बी की चायल सीट से बीजेपी विधायक पूजा पाल के साथ सायबर फ्रॉड का मामला सामने आया है। जानकारी के मुताबिक, जालसाजों ने कई डिजिटल ट्रांजैक्शन के जरिए उनके बैंक अकाउंट से करीब 1.55 लाख रुपये ट्रांसफर कर लिए। घटना की शिकायत मिलने के बाद प्रयागराज के धूमनगंज थाने में अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस अब ऑनलाइन लेनदेन से जुड़े रिकॉर्ड के आधार पर आरोपी तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
UPI से हुए ट्रांजैक्शन
जानकारी के मुताबिक, विधायक के खाते से 22 अगस्त से 13 सितंबर के बीच कई बार अनधिकृत लेनदेन हुए। इन ट्रांजैक्शन के लिए फोनपे और UPI का इस्तेमाल किया गया। 14 सितंबर को जब उन्होंने अपने बैंक खाते की जानकारी देखी, तब उन्हें इन संदिग्ध निकासी का पता चला। इसके बाद उन्होंने पुलिस से संपर्क कर मामले की शिकायत दर्ज कराई।
मोबाइल हैक होने का जताया संदेह
पूजा पाल ने अपनी शिकायत में आशंका जताई है कि उनके आईफोन 17 में सेंध लगाकर साइबर ठगी को अंजाम दिया गया। उन्होंने कहा कि फोन में मौजूद डिजिटल और निजी जानकारी तक भी किसी अनधिकृत व्यक्ति की पहुंच हो सकती है। विधायक ने पुलिस से संदिग्ध UPI लेनदेन की तकनीकी जांच कराने और खाते से निकाली गई रकम वापस दिलाने की मांग की है। साथ ही, उन्होंने फोन में मौजूद निजी व महत्वपूर्ण डेटा के संभावित दुरुपयोग को लेकर भी चिंता जताई है।
IT Act की धारा में दर्ज हुआ केस
धूमनगंज पुलिस ने विधायक की शिकायत के आधार पर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66D के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस अधिकारी के मुताबिक, मामले की जांच शुरू कर दी गई है। जांच में बैंक खाते से हुए सभी संदिग्ध लेनदेन, UPI ट्रांजैक्शन और उनसे जुड़े डिजिटल रिकॉर्ड की पड़ताल की जा रही है। प्रयागराज पुलिस साइबर सेल की मदद से यह पता लगाने में जुटी है कि रकम किन खातों या डिजिटल माध्यमों के जरिए आगे भेजी गई और इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं।
डिजिटल लेनदेन की भी होगी जांच
पुलिस अब ट्रांजैक्शन की पूरी कड़ी खंगाल रही है। संदिग्ध भुगतान से जुड़े बैंक खातों, UPI आईडी और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच के आधार पर आरोपित तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है। फिलहाल मामले में किसी आरोपी की पहचान या गिरफ्तारी की जानकारी सामने नहीं आई है।