आइची-नागोया एशियन गेम्स 2026 में भारत ने कुल 85 पदकों के साथ अपना अभियान समाप्त किया। भारतीय खिलाड़ियों ने 21 स्वर्ण, 27 रजत और 37 कांस्य पदक जीते और पदक तालिका में चौथा स्थान हासिल किया। भारत का अभियान कई ऐतिहासिक उपलब्धियों से भी भरा रहा। तीरंदाजी में कुमकुम मोहोद ने व्यक्तिगत रिकर्व स्पर्धा में स्वर्ण जीतकर इतिहास बनाया, जबकि प्रणवी उर्स ने गोल्फ में भारत को पहली बार व्यक्तिगत स्वर्ण दिलाया। पुरुष और महिला हॉकी तथा क्रिकेट टीमों ने भी गोल्ड मेडल अपने नाम किए।

भारत के 21 स्वर्ण पदक

भारत के गोल्ड मेडल कई अलग-अलग खेलों से आए। क्रिकेट, कबड्डी और हॉकी में पुरुष तथा महिला टीमों ने स्वर्ण जीता। निशानेबाजी, तीरंदाजी, एथलेटिक्स, बॉक्सिंग और कुश्ती में भी भारतीय खिलाड़ियों ने शीर्ष स्थान हासिल किया।

क्रिकेट

  • महिला टी20 टीम
  • पुरुष टी20 टीम

कबड्डी

  • महिला टीम
  • पुरुष टीम

हॉकी

  • महिला टीम
  • पुरुष टीम

निशानेबाजी

  • कमलजीत और सुरूची सिंह – 10 मीटर एयर पिस्टल मिश्रित टीम
  • नीरू ढांडा – महिला ट्रैप
  • नीरू ढांडा और कायनान चेनाई – मिश्रित ट्रैप टीम

तीरंदाजी

  • चिकिता तनीपार्थी, पृथिका प्रदीप और ज्योति सुरेखा वेन्नम – महिला कंपाउंड टीम
  • साहिल जाधव और चिकिता तनीपार्थी – मिश्रित कंपाउंड टीम
  • साहिल जाधव, गणेश मणि रत्नम थिरुमुरु और कुशल दलाल – पुरुष कंपाउंड टीम
  • अंकिता भक्त, कुमकुम मोहोद और कीर्ति शर्मा – महिला रिकर्व टीम
  • कुमकुम मोहोद – महिला व्यक्तिगत रिकर्व

एथलेटिक्स

  • किरण पहल, पूवम्मा एमआर, प्राची चौधरी और विथ्या रामराज – महिला 4x400 मीटर रिले

बॉक्सिंग

  • लवलीना बोरगोहेन – 75 किग्रा
  • परवीन हुड्डा – 65 किग्रा
  • अंकुश – 80 किग्रा

कुश्ती

  • सुजीत – पुरुष 65 किग्रा फ्रीस्टाइल
  • अमन सहरावत – पुरुष 57 किग्रा फ्रीस्टाइल

कुमकुम मोहोद का ऐतिहासिक गोल्ड

17 वर्षीय कुमकुम मोहोद भारत के अभियान की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक रहीं। उन्होंने महिला व्यक्तिगत रिकर्व स्पर्धा में स्वर्ण जीतकर इस इवेंट में ऐसा करने वाली पहली भारतीय महिला बनने का गौरव हासिल किया। उन्होंने टीम स्पर्धा में भी स्वर्ण पदक जीता।

प्रणवी उर्स ने गोल्फ में रचा इतिहास

महिला व्यक्तिगत गोल्फ में प्रणवी उर्स ने स्वर्ण पदक जीतकर नया इतिहास बनाया। यह एशियन गेम्स में भारत का महिला व्यक्तिगत गोल्फ में पहला स्वर्ण था। उनके प्रदर्शन ने भारत को इस खेल में बड़ी उपलब्धि दिलाई।

नीरू ढांडा के नाम भी बड़ी उपलब्धि

निशानेबाज नीरू ढांडा ने महिला ट्रैप में स्वर्ण पदक जीतकर भारत के लंबे इंतजार को खत्म किया। उन्होंने मिश्रित ट्रैप टीम में भी स्वर्ण जीता और कुल तीन पदक अपने नाम किए।

हॉकी में पुरुष और महिला टीम का गोल्ड

भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने फाइनल में मलेशिया को 5-1 से हराकर अपना खिताब बरकरार रखा। इस जीत के साथ भारत ने लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक के लिए भी सीधे क्वालीफाई किया। महिला टीम ने भी स्वर्ण जीतकर एशियन गेम्स में भारत के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की। पहली बार भारत की पुरुष और महिला दोनों हॉकी टीमें एक ही एशियन गेम्स में चैंपियन बनीं।

बॉक्सिंग में तीन गोल्ड

भारत को बॉक्सिंग में तीन स्वर्ण पदक मिले। लवलीना बोरगोहेन ने 75 किग्रा, परवीन हुड्डा ने 65 किग्रा और अंकुश ने पुरुषों के 80 किग्रा वर्ग में स्वर्ण हासिल किया। लवलीना एशियन गेम्स में बॉक्सिंग गोल्ड जीतने वाली दूसरी भारतीय महिला बनीं।

कुश्ती में अमन और सुजीत ने दिलाया गोल्ड

कुश्ती में सुजीत ने पुरुषों के 65 किग्रा फ्रीस्टाइल और अमन सहरावत ने 57 किग्रा वर्ग में स्वर्ण पदक जीता। अमन की जीत विशेष रही क्योंकि उन्होंने पिछले एशियन गेम्स के कांस्य को इस बार स्वर्ण में बदला।

भारत के कुल 85 पदक

भारत के 85 पदकों में 21 स्वर्ण, 27 रजत और 37 कांस्य शामिल रहे। देश ने चौथा स्थान हासिल किया। हालांकि यह 2023 हांगझोउ एशियन गेम्स के 106 पदकों से कम है, लेकिन आइची-नागोया में भारतीय खिलाड़ियों ने कई ऐसी उपलब्धियां हासिल कीं, जो पहली बार भारत के नाम दर्ज हुईं।