एशियन गेम्स 2026 में भारतीय पहलवान अंतिम पंघाल ने महिला 53 किग्रा वर्ग में रजत पदक अपने नाम किया। नागोया में खेले गए स्वर्ण पदक मुकाबले में उन्हें जापान की मो कियोका के खिलाफ 1-9 से हार का सामना करना पड़ा। अंतिम फाइनल में स्वर्ण नहीं जीत सकीं, लेकिन उन्होंने एशियन गेम्स में भारत को महिला 53 किग्रा कुश्ती का पहला रजत पदक दिलाया। यह इस प्रतियोगिता में उनका दूसरा पदक है। इससे पहले उन्होंने 2022 हांगझोउ एशियन गेम्स में इसी भार वर्ग में कांस्य पदक जीता था।
फाइनल में जापानी पहलवान का दबदबा
स्वर्ण पदक मुकाबले में मो कियोका ने शुरुआत से ही अंतिम पर दबाव बनाए रखा। पहले पीरियड में जापानी पहलवान ने 2-0 की बढ़त हासिल की। अंतिम ने वापसी की कोशिश की, लेकिन कियोका ने लगातार अंक जुटाते हुए मुकाबले पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली। दूसरे पीरियड में अंतिम को ज्यादा आक्रामक होकर दांव लगाने पड़े। इसका फायदा कियोका ने उठाया और लगातार अंक हासिल करते हुए मुकाबला 9-1 से अपने नाम कर लिया।
चौथी बेटी के जन्म पर रखा गया था 'अंतिम' नाम
अंतिम पंघाल हरियाणा के हिसार जिले के भगाना गांव से आती हैं। परिवार में तीन बेटियों के बाद जब उनका जन्म हुआ तो उनका नाम 'अंतिम' रखा गया। बड़ी बहन को कबड्डी खेलते देखकर अंतिम की भी खेलों में रुचि बढ़ी और करीब 12 साल की उम्र में उन्होंने कुश्ती को अपना करियर बनाने का फैसला किया। शुरुआत में उन्होंने गांव के स्थानीय दंगलों में हिस्सा लिया और लड़कों के साथ भी मुकाबले किए। बेटी को आगे बढ़ाने के लिए परिवार ने उनका पूरा साथ दिया। बेहतर प्रशिक्षण के लिए परिवार बाद में हिसार आकर रहने लगा।
एशियन गेम्स में लगातार दूसरा पदक
अंतिम पंघाल का एशियन गेम्स में यह लगातार दूसरा पदक है। 2022 में हांगझोउ में उन्होंने 53 किग्रा वर्ग में कांस्य पदक हासिल किया था। इस बार उन्होंने अपने पदक का रंग बदलते हुए रजत अपने नाम किया। उनका यह पदक 2026 एशियन गेम्स में भारतीय महिला कुश्ती के लिए भी खास रहा, क्योंकि अंतिम इस संस्करण में भारत की पहली महिला पहलवान हैं, जिन्होंने कुश्ती में पदक जीता। अंतिम के रजत के साथ एशियन गेम्स 2026 में भारतीय कुश्ती दल का पदक अभियान भी मजबूत हुआ। भारत ने कुश्ती में कुल छह पदक हासिल किए, जिनमें दो स्वर्ण, दो रजत और दो कांस्य शामिल रहे।