Akash Anand BSP News : उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले बहुजन समाज पार्टी (BSP) की अंदरूनी राजनीतिक अनिश्चितता समाप्त हो गई है। बसपा अध्यक्ष मायावती ने भतीजे आकाश आनंद को माफ करते हुए उनकी पार्टी में आधिकारिक वापसी की घोषणा कर दी है। मायावती ने कहा कि संगठन और बहुजन आंदोलन के व्यापक हितों को ध्यान में रखते हुए गहराई से विचार-विमर्श के बाद आकाश को पुनः बसपा का राष्ट्रीय संयोजक बनाया गया है। इस फैसले के साथ कुछ समय से आकाश आनंद के भविष्य को लेकर लगाई जा रही अटकलों पर भी पूरी तरह विराम लग गया है।
पदमुक्ति से माफी और वापसी का घटनाक्रम
गौरतलब है कि बसपा प्रमुख ने 3 सितंबर को आकाश आनंद को सांगठनिक जिम्मेदारियों से अलग कर दिया था। 10 सितंबर को उन्हें पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया था। इसके बाद 2 अक्टूबर को आकाश आनंद ने सोशल मीडिया के माध्यम से सार्वजनिक रूप से मायावती से माफी मांगी थी। मायावती ने बताया कि कुछ दिनों की घटनाओं के बाद आकाश की कार्यशैली और रवैये में सकारात्मक बदलाव आया है। उनके ससुर अशोक सिद्धार्थ के राजनीति से संन्यास लेने के बाद परिस्थितियों में बड़ा बदलाव आया है। पार्टी कार्यकर्ताओं और प्रमुख पदाधिकारियों की सलाह पर आकाश के अनुरोध को स्वीकार किया गया है।
ईशान की निष्ठा की तारीफ
मायावती ने बताया कि आकाश की पुनर्नियुक्ति के निर्णय पर उनके पिता और छोटे भाई ईशान आनंद ने भी पूरी सहमति जताई है। उन्होंने ईशान आनंद के समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि वे बिना किसी पद की लालसा के बहनजी के निर्देशों का पालन करते हुए पार्टी की सेवा करने के लिए तैयार हैं। बसपा सुप्रीमो ने उम्मीद जताई कि अशोक सिद्धार्थ के राजनीतिक जीवन से अलग होने के बाद अब संगठन सुचारू रूप से चलेगा और बार-बार बदलाव करने की नौबत नहीं आएगी। वैसे, उन्होंने यह भी कहा कि सब कुछ इस बात पर निर्भर करेगा कि आकाश आनंद भविष्य में अपनी जिम्मेदारियों को किस तरह निभाते हैं।
'बहुजन समाज ही मेरा वास्तविक परिवार'
सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इस निर्णय की जानकारी देते हुए मायावती ने बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर और कांशीराम के त्याग व संघर्षों का स्मरण किया। उन्होंने कहा कि बसपा इन्हीं महापुरुषों के आदर्शों पर चलकर देश की राजनीति में इस मुकाम तक पहुंची है। परिवारवाद के आरोपों का जवाब देते हुए बसपा प्रमुख ने दोटूक कहा कि पूरा बहुजन समाज ही मेरा विराट परिवार है और उनका हित मेरे लिए सर्वोपरि है। उन्होंने कहा कि पार्टी में कड़ा अनुशासन बनाए रखने के लिए उन्होंने समय-समय पर कठोर कदम उठाए हैं, जिनमें उनके अपने रिश्तेदार और परिवारजन भी शामिल रहे हैं। फिलहाल पार्टी अपना पूरा ध्यान 2विधानसभा चुनाव की तैयारियों पर केंद्रित कर रही है।