गुरुवार को यमुना एक्सप्रेसवे पर बस में आग लगने की घटना की चपेट में आने से 9 यात्रियों की मौत वाली स्लीपर बस को लेकर जांच में कई चौंकाने वाली जानकारियां सामने आई हैं। सरकारी रिकॉर्ड के मुताबिक, हादसे का शिकार हुई बस के खिलाफ अलग-अलग यातायात और परिवहन नियमों के उल्लंघन को लेकर 19 चालान दर्ज थे। इनकी कुल लंबित राशि करीब 1.75 लाख रुपये बताई गई है। रिकॉर्ड में कम उम्र के चालक से बस चलवाने, परमिट और तकनीकी नियमों से जुड़े उल्लंघन भी सामने आए हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि बस के खिलाफ पहले भी कार्रवाई हो चुकी थी, लेकिन इसके बावजूद उसका संचालन जारी रहा। जनवरी 2026 में कम उम्र के चालक द्वारा बस चलाने को लेकर चालान किया गया था। वहीं, जून 2025 में ईंधन में बदलाव और रेट्रोफिटिंग से जुड़े नियमों के उल्लंघन का मामला भी दर्ज हुआ था। बस के परमिट से संबंधित उल्लंघनों पर भी कार्रवाई की गई थी।

हादसे से पहले भी सामने आती रही थीं खामियां

यह बस बुधवार रात दिल्ली के कश्मीरी गेट से महोबा जा रही थी। यमुना एक्सप्रेसवे पर जेवर क्षेत्र के पास करीब 33वें किलोमीटर पर अचानक आग लग गई। बस में करीब 35 यात्री सवार थे। आग तेजी से फैलने के कारण कई यात्रियों को बाहर निकलने का मौका नहीं मिल सका, जिससे 9 लोगों की मौत हो गई। रिपोर्टों के मुताबिक, बस के रिकॉर्ड में ओवरस्पीडिंग, बिना लाइसेंस ड्राइविंग और परमिट से जुड़े उल्लंघन भी दर्ज थे। 19 लंबित चालानों के बावजूद बस का सड़क पर चलना अब जांच के दायरे में है। इस पूरे मामले में परिवहन और यातायात व्यवस्था की निगरानी को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।

दिल्ली में भी कटे थे कई चालान

यातायात अधिकारियों के अनुसार, इस बस के खिलाफ दिल्ली में भी 9 चालान दर्ज थे। इनमें अधिकतर मामले तेज रफ्तार और गलत तरीके से पार्किंग से जुड़े बताए गए हैं। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि केवल चालान का भुगतान नहीं होने के आधार पर वाहन को जब्त करने का प्रावधान फिलहाल नहीं है। हालांकि, बिना परमिट या गंभीर नियम उल्लंघन जैसी स्थितियों में वाहन को जब्त किया जा सकता है।

आग लगने की वजह की जांच जारी

बस में आग कैसे लगी, इसे लेकर जांच अभी जारी है। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई गई है कि एयर कंडीशनिंग सिस्टम में स्पार्क या तकनीकी खराबी के चलते इंजन के तेल में आग लगी होगी। हादसे से पहले बस चालक और परिचालक के केबिन में बीड़ी-सिगरेट पीने की जानकारी सामने आ रही है। ये आरोप एक यात्री की शिकायत और प्राथमिकी में दर्ज किए गए हैं, जिनकी जांच पुलिस कर रही है। घटना के बाद चालक और परिचालक समेत संबंधित लोगों से पूछताछ शुरू हो गई है। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले सबूतों और जानकारी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। हादसे में मारे गए यात्रियों की पहचान और आग के वास्तविक कारण को लेकर भी जांच आगे बढ़ रही है।