संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 81वें सत्र में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर ईरान के प्रति अपना कड़ा रुख स्पष्ट किया। मंच से उन्होंने कहा कि उनके सामने बड़ा फैसला है—या तो ईरान समझौता करे या अमेरिका इस्लामिक गणराज्य को पूरी तरह तबाह कर देगा। मंगलवार को दिए अपने भाषण में ट्रंप ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर चिंता जताते हुए कहा कि अमेरिका किसी भी स्थिति में तेहरान को परमाणु हथियार बनाने नहीं होने देगा। उन्होंने ईरान के साथ समझौते की संभावना तो जताई, लेकिन साथ ही चेतावनी भी दी। ट्रम्प ने कहा अगर बातचीत से समाधान नहीं निकला तो अमेरिका आगे कड़ा कदम उठा सकता है।

तेहरान को बातचीत की मेज पर लौटना जरुरी 

ट्रंप ने कहा कि अब उनके सामने ईरान को लेकर एक बड़ा फैसला है। उनके मुताबिक एक रास्ता ऐसा समझौता है, जिसके जरिए ईरान दोबारा आर्थिक और राजनीतिक रूप से मजबूत हो सकता है। दूसरा विकल्प अमेरिका की ओर से सैन्य कार्रवाई को और आगे बढ़ाना है। ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान के साथ किसी समझौते की दिशा में आगे बढ़ने के लिए तेहरान को बातचीत की मेज पर लौटना होगा।

परमाणु हथियार को लेकर ट्रंप का सख्त रुख

अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने को अपनी विदेश नीति की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल बताया। उन्होंने ईरान पर आतंकवाद को समर्थन देने और क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ाने के आरोप भी लगाए। ट्रंप ने कहा कि वह ईरान को परमाणु शक्ति बनने की अनुमति नहीं देंगे। ट्रंप ने दावा करते हुए कहा कि ईरान बातचीत में देरी कर रहा है और नवंबर में होने वाले अमेरिकी मध्यावधि चुनावों तक समय निकालना चाहता है। हालांकि, उन्होंने कहा कि ईरान को लेकर अमेरिकी प्रशासन का फैसला चुनावी राजनीति से प्रभावित नहीं होगा।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खोलने पर दिया जोर 

ट्रंप ने ईरान के साथ किसी संभावित समझौते में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को दोबारा पूरी तरह खोलने की बात कही। यह मार्ग वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण है और क्षेत्र में जारी संघर्ष के कारण इसकी स्थिति अंतरराष्ट्रीय चिंता का विषय बनी हुई है। ट्रंप ने अपने भाषण में यूक्रेन और रूस युद्ध का भी जिक्र करते हुए कहा कि "अमेरिका दोनों पक्षों के साथ बातचीत कर रहा है और संघर्ष को समाप्त करने के लिए समझौते की दिशा में काम जारी है।" ट्रंप ने दावा किया कि यह युद्ध उनकी उम्मीद से जल्द खत्म हो सकता है।

ईरानी प्रतिनिधियों ने किया बॉयकॉट 

अमेरिकी राष्टपति ने अपने भाषण की शुरुआत अमेरिका की मौजूदा स्थिति और अपनी सरकार के कामकाज का जिक्र करते हुए किया। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका अब पहले से अधिक मजबूत है। उन्होंने आव्रजन, अर्थव्यवस्था, अपराध नियंत्रण और सैन्य क्षमता सहित कई मुद्दों पर अपनी सरकार के रिकॉर्ड का जिक्र किया। ईरान पर ट्रंप के बयान के दौरान सभा में मौजूद ईरानी दल के अधिकांश सदस्य हॉल से बाहर चले गए।