हॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता सर पैट्रिक स्टीवर्ट का 86 साल की उम्र में निधन हो गया है। ‘स्टार ट्रेक: द नेक्स्ट जनरेशन’ में कैप्टन जीन-ल्यूक पिकार्ड और ‘एक्स-मेन’ सीरीज में प्रोफेसर चार्ल्स जेवियर का किरदार निभाकर दुनियाभर में पहचान बनाने वाले स्टीवर्ट ने लॉस एंजिलिस स्थित अपने घर पर अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर से फिल्म और टेलीविजन जगत में शोक की लहर है। उनके आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा किए गए बयान के मुताबिक, अभिनेता का निधन बुधवार को हुआ। वह अल्जाइमर रोग और लेवी बॉडी डिमेंशिया से जूझ रहे थे। अंतिम समय में उनकी पत्नी सनी ओजेल उनके साथ थीं। 

‘स्टार ट्रेक’ के कैप्टन पिकार्ड के रूप में मिली दुनियाभर में पहचान

पैट्रिक स्टीवर्ट को सबसे ज्यादा लोकप्रियता साइंस फिक्शन सीरीज ‘स्टार ट्रेक: द नेक्स्ट जनरेशन’ से मिली थी। इसमें उन्होंने कैप्टन जीन-ल्यूक पिकार्ड की भूमिका निभाई। यह सीरीज 1987 से 1994 तक प्रसारित हुई और इसके सात सीजन में स्टीवर्ट ने अपने अभिनय से दर्शकों के बीच खास जगह बनाई। उनका किरदार अपनी गंभीरता, नेतृत्व क्षमता और दमदार संवादों के लिए याद किया जाता है। ‘Make it so’ और ‘Engage’ जैसे संवाद उनके किरदार की पहचान बन गए। बाद में उन्होंने कई ‘स्टार ट्रेक’ फिल्मों और सीरीज ‘स्टार ट्रेक: पिकार्ड’ में भी इसी भूमिका को दोहराया। 

‘एक्स-मेन’ में प्रोफेसर एक्स बनकर भी छोड़ी छाप

स्टीवर्ट ने मार्वल की ‘एक्स-मेन’ फिल्म सीरीज में प्रोफेसर चार्ल्स जेवियर का किरदार निभाया था। उनका यह किरदार एक ऐसे मार्गदर्शक का था, जो म्यूटेंट्स को उनकी शक्तियों का सही इस्तेमाल करना सिखाता है। वर्ष 2000 में आई पहली ‘एक्स-मेन’ फिल्म से शुरू हुआ उनका यह सफर कई फिल्मों तक जारी रहा। ‘स्टार ट्रेक’ और ‘एक्स-मेन’ के अलावा भी उन्होंने थिएटर, फिल्मों और टेलीविजन में कई यादगार भूमिकाएं निभाईं। वह आगामी फिल्म ‘एवेंजर्स: डूम्सडे’ में भी प्रोफेसर एक्स के किरदार में नजर आने वाले थे। यह फिल्म दिसंबर में रिलीज होने वाली है। 

थिएटर से शुरू हुआ था अभिनय का सफर

पैट्रिक स्टीवर्ट का जन्म 13 जुलाई 1940 को इंग्लैंड के यॉर्कशायर के मिरफील्ड में हुआ था। उनका बचपन आर्थिक कठिनाइयों के बीच बीता। एक शिक्षक ने उन्हें कम उम्र में शेक्सपियर के नाटकों से परिचित कराया, जिसके बाद अभिनय में उनकी दिलचस्पी बढ़ी। उन्होंने 1950 के दशक के आखिर में पेशेवर अभिनय की शुरुआत की और 1966 में रॉयल शेक्सपियर कंपनी से जुड़ गए। कई वर्षों तक रंगमंच पर अपनी प्रतिभा दिखाने के बाद उन्हें टेलीविजन और फिल्मों में बड़े अवसर मिले। ‘स्टार ट्रेक’ ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई। 

2010 में मिला था नाइटहुड सम्मान

अभिनय की दुनिया में उनके योगदान को देखते हुए वर्ष 2010 में महारानी एलिजाबेथ द्वितीय ने उन्हें नाइटहुड से सम्मानित किया था। इसके बाद उनके नाम के साथ ‘सर’ की उपाधि जुड़ गई। उन्हें चार बार एमी अवॉर्ड के लिए नामांकित किया गया था। इसके अलावा उन्होंने अपनी आवाज के जरिए भी खास पहचान बनाई और ‘पीटर एंड द वुल्फ’ के वर्णन के लिए ग्रैमी पुरस्कार जीता। उनकी अभिनय यात्रा में शेक्सपियर के नाटकों से लेकर हॉलीवुड की बड़ी फिल्म फ्रेंचाइजी तक का लंबा सफर शामिल रहा। 

हॉलीवुड सितारों ने दी श्रद्धांजलि

पैट्रिक स्टीवर्ट के निधन पर उनके साथ ‘एक्स-मेन’ फिल्मों में काम कर चुके अभिनेता ह्यू जैकमैन ने उन्हें याद किया। जैकमैन ने कहा कि दुनिया ने मंच और पर्दे के महान कलाकारों में से एक को खो दिया है। उन्होंने स्टीवर्ट को अपना अच्छा दोस्त बताते हुए कहा कि उनसे उन्होंने बहुत कुछ सीखा। ‘स्टार ट्रेक’ में कैप्टन जेम्स टी. किर्क की भूमिका निभाने वाले विलियम शैटनर ने भी उन्हें श्रद्धांजलि दी। मार्वल स्टूडियोज ने स्टीवर्ट को असाधारण प्रतिभा और उदार सहयोगी बताते हुए उनके योगदान को याद किया। पैट्रिक स्टीवर्ट अपने पीछे अभिनय की ऐसी विरासत छोड़ गए हैं, जिसमें रंगमंच की गंभीरता, साइंस फिक्शन की लोकप्रियता और सुपरहीरो फिल्मों का शानदार सफर शामिल है। कैप्टन पिकार्ड और प्रोफेसर एक्स के रूप में उनके किरदार लंबे समय तक दर्शकों की यादों में बने रहेंगे।