समरकंद में चल रहे 2026 शतरंज ओलंपियाड के महिला वर्ग में भारत और चीन के बीच रोमांचक मुकाबला 2-2 की बराबरी पर खत्म हुआ। एक समय भारतीय टीम मुश्किल स्थिति में नजर आ रही थी, लेकिन साविता श्री ने दबाव के बीच शानदार जुझारूपन दिखाते हुए भारत को हार से बचा लिया। यह मुकाबला टूर्नामेंट के 10वें और अंतिम से पहले वाले दौर में खेला गया। चीन की टीम पहले से तालिका में शीर्ष पर थी, जबकि भारत पदक की दौड़ में बने रहने के लिए मजबूत नतीजे की तलाश में था।
साविता ने आसान ड्रॉ लेने से किया इनकार
मुकाबले के दौरान साविता श्री का सामना झाई मो से हुआ। भारतीय खिलाड़ी एक समय दबाव में थीं और उनके सामने आसान रास्ता ड्रॉ स्वीकार करना था। साविता ने कुछ चालों के बाद तीन बार एक ही स्थिति दोहरने की संभावना बनाई थी। ऐसे में मुकाबला ड्रॉ पर खत्म किया जा सकता था। लेकिन उन्होंने इस विकल्प को छोड़कर जीत के लिए खेल जारी रखने का फैसला किया। इसके बाद उन्होंने रुख को डी1 खाने पर पहुंचाने वाली चाल चली। इस फैसले ने स्थिति को फिर से जटिल बना दिया और साविता को मुकाबले में वापसी का मौका मिला।
बाकी बोर्ड पर भी था जबरदस्त दबाव
भारत की ओर से कोनेरू हम्पी और दिव्या देशमुख के मुकाबले ड्रॉ पर खत्म हुए। इसके बाद टीम का स्कोर बराबर था, लेकिन बाकी दोनों बोर्ड पर नतीजा भारत के लिए बेहद अहम हो गया था। वंतिका अग्रवाल भी अपने मुकाबले में लंबे समय तक संघर्ष करती रहीं। ऐसे समय में साविता के बोर्ड पर आने वाला नतीजा भारत की पूरी टीम के लिए निर्णायक बन गया।
8.5 अंक के साथ शानदार प्रदर्शन
साविता श्री इस ओलंपियाड में लगातार शानदार प्रदर्शन कर रही हैं। चीन के खिलाफ मुकाबले में मिली जीत के साथ उनके व्यक्तिगत खाते में टूर्नामेंट की आठवीं जीत दर्ज हुई। वह नौ मुकाबलों में 8.5 अंक हासिल कर चुकी हैं। उनके प्रदर्शन ने भारतीय महिला टीम को टूर्नामेंट में बनाए रखने में अहम भूमिका निभाई है।
पदक की उम्मीद अभी बाकी
चीन के खिलाफ 2-2 से ड्रॉ के बाद भारत के पास अब भी पदक जीतने का मौका है। महिला वर्ग में चीन 18 अंकों के साथ शीर्ष पर है, जबकि भारत 16 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर है। कजाकिस्तान 17 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर है। अब भारतीय टीम की नजर अंतिम दौर पर होगी। वहां मिलने वाला नतीजा तय करेगा कि भारत पदक की दौड़ में किस स्थिति में टूर्नामेंट खत्म करता है।