Rahul Gandhi Press Conference Updates: लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने कहा है कि मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार ने वोट चोरी की है। मैंने उनके चयन का विरोध जताया था, मगर मोदी सरकार ने उन्हें कानून से ऊपर रखकर चुना। आज शाम सवा घंटे देर से शुरू हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल ने कहा कि देश में हर सरकार के खिलाफ एंटी-इंकंबेंसी होती है। इंदिरा गांधी बांग्लादेश युद्ध जीतने के बाद भी हार गईं। फिर भाजपा के साथ ऐसा क्यों नहीं हुआ? ज्ञानेश ने लोकसभा चुनाव और विधानसभा चुनाव में धांधली की है। उन्होंने वोट चोरी की, जिससे लोकतंत्र कमजोर हुआ। इन हालात में एंटी इनकंबेंसी कैसे आएगी?
संविधान के दुश्मनों का पर्दाफाश
कांग्रेस सांसद राहुल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस से पहले सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा-संविधान के दुश्मनों का पर्दाफाश हो गया है। न्याय मिलेगा। बता दें, राहुल ने साल 2025 में 3 प्रेस कॉन्फ्रेंस की थीं। उस दौरान उन्होंने चुनाव आयोग पर वोट चोरी का आरोप लगाया था। उन्होंने आयोग को सरकार की बी-टीम कहा था। भाजपा के साथ वोट चोरी करने का आरोप लगाया था।
ज्ञानेश को बचाते हैं पीएम और शाह
कांग्रेस नेता ने कहा कि ज्ञानेश को पीएम नरेंद्र मोदी ने नियुक्त किया। उनके खिलाफ लिखे मेरे पत्र पर कोई कार्रवाई नहीं हुई, क्योंकि पीएम और अमित शाह उन्हें बचाते हैं। हमारे पास सबूत हैं। हम ऐसी जगह पर हैं, जहां इससे पहले कभी नहीं बैठे। ऐसा पहली बार है कि देश ऐसे पॉइंट पर आ गया है। ज्ञानेश को तुरंत इस्तीफा देना चाहिए। आप बहुत पढ़े-लिखे हैं। समझिए कि क्या हो रहा। आपने जो किया है, वह देश के खिलाफ है। आपको वोटों की रक्षा करनी चाहिए थी। आपको इसके अंजाम भुगतने पड़ेंगे, जो लोग इसके जिम्मेदार है, उनको आज या कल सजा जरूर मिलेगी।
मत भारत की नींव, यह खत्म तो संविधान का मतलब ही नहीं
राहुल ने यह भी कहा कि जब कोई भारतीय मतदान करता है तो वह संविधान में अपनी एनर्जी और पावर डालता है। कांग्रेस नेता के अनुसार वोट से संविधान को शक्ति मिलती है। संविधान से कानून बनते हैं। कानूनों से देश की संस्थाएं काम करती हैं। उन्होंने कहा कि संसद, राज्यसभा तथा विधानसभाओं में बैठने वाले लोग वोट के माध्यम से चुने जाते हैं। इस तरह वोट, संविधान, कानून व संस्थाएं एक-दूसरे से जुड़ी हैं। राहुल ने कहा, वोट खत्म कर दिया गया तो संविधान का मतलब ही नहीं रह जाएगा। संविधान से निकलने वाले कानून भी सवालों में आ जाएंगे। देश की संस्थाओं का भी कोई मतलब नहीं रह जाएगा। आरोप लगाया कि देश के वोट को डिस्ट्रॉय किया गया है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ वोट चोरी नहीं है, बल्कि उसके बाद कानून व संस्थाओं को प्रभावित करने की प्रक्रिया भी हुई।
वोट, कानून और फिर संस्था चोरी
राहुल ने यह भी आरोप लगाया है कि वोट चोरी के बाद कानून की चोरी और फिर संस्थाओं की चोरी की गई। इसके बाद शिक्षा व्यवस्था, नौकरशाही और न्यायपालिका में आरएसएस से जुड़े लोगों को भरा गया। कांग्रेस नेता ने इसे भारत के खिलाफ षड्यंत्र बताते हुए कहा कि ऊपर साजिशकर्ता और नीचे उनके लिए काम करने वाले लोग हैं। अगर, वोट चोरी हुई है तो उसके आधार पर बनाए गए कानूनों पर भी सवाल उठता है। कानून का आधार ही वोट है। राहुल ने कहा, वह यह बात हल्के में नहीं कह रहे हैं। उनके मुताबिक वह 3 साल से लगातार यह मुद्दा उठा रहे। हरियाणा, महाराष्ट्र, कर्नाटक में इसके समर्थन में सबूत पेश कर चुके हैं।