Uttarakhand Weather And Kedarnath Landslide News : देवभूमि उत्तराखंड में मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। जगह-जगह हो रहे भूस्खलन और पहाड़ों से गिरते मलबे के चलते राज्य में सड़कें बंद हो गई हैं। रुद्रप्रयाग के पास सिरोबगड़ में भारी लैंडस्लाइड होने से प्रशासन ने केदारनाथ और बद्रीनाथ यात्रा को अस्थायी रूप से रोक दिया है। इस भूस्खलन के चलते राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात ठप हो गया है। मार्ग पर 4 हजार श्रद्धालु कड़ाके की ठंड के बीच फंसे हुए हैं।

सिरोबगड़ में बिगड़े हालात, हाईवे बंद

धार देवी मंदिर के पास स्थित सिरोबगड़ में पहाड़ी से अचानक भारी मात्रा में बोल्डर और मलबा सड़क पर आ गिरा। इसके चलते बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया और वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। वैसे, लोक निर्माण विभाग और एनएच की जेसीबी मशीनें मलबा हटाने में जुटी हुई हैं, लेकिन ऊपर से लगातार गिरते पत्थरों के कारण राहत कार्य में भारी मुश्किलें आ रही हैं। सुरक्षा के लिहाज से प्रशासन ने केदारनाथ यात्रा के साथ-साथ हेलिकॉप्टर सेवाओं को भी अगले आदेश तक बंद कर दिया है।

तीन दशकों से नासूर बनी सिरोबगड़ की समस्या

रुद्रप्रयाग का सिरोबगड़ क्षेत्र बीते 30 वर्षों से मानसून के दौरान सिरदर्द बना हुआ है। हर साल बरसात आते ही यहां पहाड़ी दरकने से रास्ता बंद हो जाता है। प्रशासन हर बार अस्थायी रूप से मलबा हटाकर रास्ता खोलता है, लेकिन स्थायी समाधान न होने से हर साल हजारों तीर्थयात्रियों को अपनी जान जोखिम में डालनी पड़ती है। स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं का कहना है कि हर बार बजट खर्च होने के बावजूद इस समस्या का पक्का इलाज नहीं खोजा जा सका है।

नदियां उफान पर, अलर्ट मोड में प्रशासन

पहाड़ों पर लगातार बारिश से रुद्रप्रयाग में अलकनंदा और मंदाकिनी नदियां खतरे के निशान के करीब पहुंच गई हैं। अलकनंदा का जलस्तर 626.100 मीटर और मंदाकिनी का जलस्तर 625.100 मीटर तक पहुंच गया है। नदियों के रौद्र रूप को देखते हुए तटीय इलाकों में अलर्ट घोषित कर दिया गया है। 

मौसम विभाग का रेड अलर्ट और बारिश के आंकड़े

मौसम विभाग ने टिहरी, हरिद्वार, देहरादून और पौड़ी जिलों के लिए भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। नैनीताल, रुद्रप्रयाग, चमोली और उत्तरकाशी में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार अगले 24 घंटे राज्य में बेहद संवेदनशील बने रहेंगे। आंकड़ों के मुताबिक, 1 जून से 25 सितंबर तक उत्तराखंड में सामान्य से 1% अधिक यानी 1162 मिमी बारिश दर्ज की गई है। इस दौरान बागेश्वर में सबसे ज्यादा 153% और चमोली में 65% अधिक बारिश हुई है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से स्थिति सामान्य होने तक यात्रा न करने की अपील की है।