भारतीय क्रिकेट टीम ने 2025 में पुरुष एशिया कप और 2026 में महिला एशिया कप अपने नाम किया, लेकिन दोनों मौकों पर टीम ट्रॉफी लेकर स्वदेश नहीं लौट सकी। दोनों ही बार एशिया कप की प्रेजेंटेशन के दौरान एसीसी प्रमुख मोहसिन नकवी से ट्रॉफी लेने को लेकर विवाद सामने आया। अब इस पूरे मामले में सिर्फ एशियन क्रिकेट काउंसिल पर सवाल नहीं उठ रहे, बल्कि बीसीसीआई की भूमिका भी चर्चा में है।
दोनों बार प्रेजेंटेशन में बना गतिरोध
रिपोर्ट के मुताबिक, 2025 और 2026 दोनों एशिया कप फाइनल के बाद भारतीय टीम ने मोहसिन नकवी से ट्रॉफी लेने से इनकार किया। इसके बाद प्रेजेंटेशन समारोह लंबे समय तक अटका रहा और भारतीय टीम बिना ट्रॉफी और विनर्स मेडल के लौट गई। 2026 के फाइनल से पहले ही बीसीसीआई ने एसीसी को कथित तौर पर बता दिया था कि अगर नकवी ट्रॉफी देंगे तो भारतीय टीम उसे स्वीकार नहीं करेगी। बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने भी इस बात की पुष्टि की थी। बोर्ड की ओर से यह विकल्प भी सुझाया गया था कि एसीसी का कोई डिप्टी ट्रॉफी प्रदान कर सकता है।
2022 के फाइनल की मिसाल भी सामने आई
इस विवाद के बीच 2022 एशिया कप फाइनल का उदाहरण भी दिया जा रहा है। उस मुकाबले में पाकिस्तान और श्रीलंका आमने-सामने थे। उस समय एसीसी चेयरमैन जय शाह फाइनल में शामिल नहीं हुए थे और ट्रॉफी श्रीलंका क्रिकेट के एक अधिकारी ने प्रदान की थी। लेख में तर्क दिया गया है कि इसी तरह के विकल्प से 2026 में भी स्थिति को संभाला जा सकता था।
2025 के बाद भी ट्रॉफी का मुद्दा नहीं सुलझा
2025 के एशिया कप फाइनल के बाद भी ट्रॉफी भारत नहीं लाई जा सकी। उस समय बीसीसीआई सचिव की ओर से 15 दिन के भीतर ट्रॉफी लाने की बात कही गई थी, लेकिन कई महीने बीतने के बावजूद ऐसा नहीं हुआ।
सवाल सिर्फ एसीसी पर नहीं
इस पूरे घटनाक्रम ने एसीसी और उसके नेतृत्व के साथ-साथ बीसीसीआई की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए हैं। खासकर इसलिए क्योंकि 2026 के फाइनल से पहले बीसीसीआई को संभावित प्रेजेंटेशन विवाद की जानकारी थी। इसके बावजूद ऐसा समाधान नहीं निकला, जिससे विजेता टीम सम्मानपूर्वक ट्रॉफी हासिल कर सके।